Bangladesh Crisis: पीएम तारिक रहमान का भारत दौरा अभी तय नहीं, शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर अड़ा बांग्लादेश; मिर्जा आलमगीर बने नए राष्ट्रपति

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tariq Rahman) की संभावित भारत यात्रा को लेकर चल रही अटकलों पर बांग्लादेश ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मीडिया में राष्ट्रपति भवन की तैयारियों से जुड़ी खबरें आने के बाद, बांग्लादेश की ओर से साफ किया गया है कि पीएम रहमान की भारत यात्रा को लेकर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
दूसरी तरफ, बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव हुआ है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (Mirza Alamgir) ने देश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- भारत दौरा टला?: बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान की भारत यात्रा पर अभी तक कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
- शेख हसीना का प्रत्यर्पण: रहमान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से वापस सौंपने की मांग कर रही है।
- राष्ट्रपति भवन में हलचल: ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह रद्द करने का बयान जारी कर राष्ट्रपति भवन ने एक घंटे में वापस लिया।
- नए राष्ट्रपति ने ली शपथ: बीएनपी नेता मिर्जा आलमगीर बने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति; पीएम तारिक रहमान और मोहम्मद यूनुस भी रहे मौजूद।
तारिक रहमान के भारत दौरे पर क्या है अपडेट?
भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए दिल्ली आने का न्योता दे रखा है। इसके अलावा, उन्हें बिमस्टेक (BIMSTEC) के अध्यक्ष के नाते 12-13 सितंबर को होने वाली ब्रिक्स (BRICS) बैठक के लिए भी दूसरा निमंत्रण भेजा गया है।
हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश की तरफ से अभी तक दोनों में से किसी भी निमंत्रण पर आधिकारिक स्वीकृति नहीं मिली है। यह कूटनीतिक तनाव ऐसे समय में देखने को मिल रहा है, जब रहमान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के प्रत्यर्पण की लगातार मांग कर रही है। 5 अगस्त को हुई शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस से भी बांग्लादेश सरकार खासा नाराज है। बता दें कि हसीना पिछले दो साल से भारत में रह रही हैं।
राष्ट्रपति भवन का बयान और 1 घंटे में वापसी
शुक्रवार को भारत के राष्ट्रपति भवन की ओर से एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया था कि 22 अगस्त को प्रांगण में होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड’ (सुरक्षा गार्ड बदले जाने का सैन्य कार्यक्रम) समारोह नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल किया जाना है।
- यह बयान दोपहर करीब 2 बजे जारी किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि महज एक घंटे के भीतर ही इसे वापस ले लिया गया।
- इससे ऐसा प्रतीत होता है कि दौरे की तैयारियां तो चल रही थीं, लेकिन आखिरी वक्त में मामला अटक गया। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
(इस बीच मंगलवार को भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में व्यापारिक नेताओं से मुलाकात की थी।)
मिर्जा आलमगीर बने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति
बांग्लादेश की सत्ता में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। बीएनपी के लंबे समय तक महासचिव रहे वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शुक्रवार को देश के 23वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
- शपथ ग्रहण समारोह: जातीय संसद के कार्यवाहक अध्यक्ष कैसर कमाल ने बंगभवन (राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) के दरबार हॉल में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
- कौन-कौन रहा मौजूद? समारोह में प्रधानमंत्री तारिक रहमान, विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान, पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, कैबिनेट मंत्री और सेना के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
- शपथ से पहले आलमगीर ने बीएनपी संस्थापक जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया की कब्रों पर जाकर फातिहा पढ़ा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी बधाई
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) ने शुक्रवार को मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को बांग्लादेश का नया राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक नेतृत्व का उनका लंबा अनुभव बांग्लादेश की जनता की सेवा में एक सफल कार्यकाल सुनिश्चित करेगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने याद दिलाया कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध साझा बलिदानों, करीबी सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत दोस्ती पर आधारित हैं। भारत के अलावा, चीन ने भी नए राष्ट्रपति आलमगीर को बधाई दी है।






