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Share Market Weekly Loss: 4 दिन में निवेशकों के 21 लाख करोड़ रुपये डूबे, सेंसेक्स हफ्ते में 1605 अंक टूटा

बिजनेस डेस्क। Share Market Weekly Loss के आंकड़े निवेशकों को डराने वाले हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आग ने इस हफ्ते शेयर बाजार की कमर तोड़ दी। लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरावट से निवेशकों की करीब 21 लाख करोड़ रुपये की कमाई डूब गई है।

हफ्ते भर में कितना गिरा बाजार?

शुक्रवार को लगातार चौथे दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 फीसदी गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 1,605.44 अंक यानी 2.15 फीसदी लुढ़क गया। निफ्टी 50 भी हफ्ते भर में करीब 2.4 फीसदी कमजोर होकर बंद हुआ।

21 लाख करोड़ का हिसाब

  • 16 अक्टूबर को BSE मार्केट कैप: 4,72,62,167 करोड़ रुपये
  • चार सत्र बाद: 4,51,83,393 करोड़ रुपये
  • कुल नुकसान: करीब 20,78,774 करोड़ रुपये

कच्चा तेल 6 महीने के शिखर पर

बाजार में मचे हाहाकार की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल है। ब्रेंट क्रूड करीब 3 फीसदी उछलकर 116.73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिकी क्रूड WTI भी 3.8 फीसदी चढ़कर 103.27 डॉलर पर बंद हुआ।

महंगाई का खतरा क्यों?

भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर खुदरा महंगाई पर पड़ सकता है।

छोटे शेयरों पर सबसे ज्यादा मार

गिरावट के इस दौर में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर सबसे ज्यादा पिटे। रियल्टी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भारी बिकवाली हुई। चौतरफा गिरावट के बीच सिर्फ आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा दिया।

एक्सपर्ट की राय

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भू-राजनीतिक जोखिम को चरम पर पहुंचा दिया है। जब तक कच्चे तेल की कीमतें काबू में नहीं आतीं, बाजार में कमजोरी और उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

अगले हफ्ते इन स्तरों पर नजर

  • निफ्टी रेजिस्टेंस: 22,800 और 23,000
  • सेंसेक्स सपोर्ट: 72,600 से 72,500
  • बड़े नतीजे: रिलायंस, इंफोसिस समेत दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे

निवेशकों के लिए सलाह: बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के समय घबराकर फैसला न लें। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।

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वेबसाइट लिंक: BSE इंडिया

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