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CG Police: सब-इंस्पेक्टर ने फेसबुक पर फंसाया, अनमैरिड बताकर बनाया संबंध; महिला ने लगाया गर्भपात और ब्लैकमेलिंग का आरोप

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सक्ति जिले से पुलिस महकमे को दागदार करने वाला एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। रक्षक ही भक्षक बन जाए, यह कहावत यहां सच होती दिख रही है। जिले में पदस्थ एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) पर एक महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने, धोखे से गर्भपात कराने और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी तक गुहार लगाई है, लेकिन खाकी पर लगे इस दाग को लेकर पुलिस महकमा फिलहाल सुस्त नजर आ रहा है।

फेसबुक पर दोस्ती से शुरू हुआ धोखे का खेल

पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरा जाल सोशल मीडिया के जरिए बुना गया।

  • महिला का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिसा ने फेसबुक के माध्यम से उससे दोस्ती की थी।
  • आरोपी पुलिसकर्मी ने खुद को अनमैरिड (अविवाहित) बताया और महिला की पारिवारिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसे और उसकी बेटी को अपनाने का झूठा भरोसा दिलाया।
  • इसी भरोसे में आकर दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। महिला का कहना है कि इसके बाद आरोपी अक्सर उसके घर आने लगा और पति की गैरमौजूदगी में उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा।
  • आपको बता दें कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिसा वर्तमान में किसी थाने में पदस्थ नहीं है, बल्कि वह पुलिस की 112 (डायल 112) टीम का हिस्सा है।

धोखे से खिलाई गर्भपात की गोलियां, न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल

मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब महिला ने आरोपी पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया।

  • पीड़िता ने बताया कि जनवरी 2024 में वह गर्भवती हो गई थी। इसकी पुष्टि के लिए उसने रायगढ़ जिले के खरसिया में सोनोग्राफी भी कराई थी और उसकी रिपोर्ट व वीडियो आरोपी को भेजे थे।
  • आरोप है कि इसके बाद सब-इंस्पेक्टर ने उसे धोखे से कुछ टैबलेट (दवाइयां) खिला दीं, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
  • महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसके कुछ न्यूड (आपत्तिजनक) वीडियो बना लिए थे, जिनके जरिए वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था।

पुलिस की सुस्ती और आरोपी की सफाई

इस गंभीर मामले में खाकी की कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि उसने आला अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन आरोपी के रसूख के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उलटे उस पर शिकायत वापस लेने का भारी दबाव बनाया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ, जब इस मामले में आरोपी सब-इंस्पेक्टर कमल मैरिसा से बात की गई, तो उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। आरोपी एसआई का दावा है कि महिला और उसका पति मिलकर उससे पैसों की ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं और पैसे न देने पर यह झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की सच्चाई क्या है, यह तो एक निष्पक्ष जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

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