
सुल्तानपुर। Rahul Gandhi Defamation Case में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में उन्हें बरी कर दिया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है।
क्या था पूरा मामला?
मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह पर टिप्पणी की थी। इससे आहत होकर सुल्तानपुर सहकारी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में अदालत में परिवाद दायर किया था।
8 साल चली सुनवाई
- 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया
- अदालत में पेश होने पर उन्हें जमानत मिली
- 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
- 26 अक्टूबर को राहुल गांधी को बरी कर दिया गया
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि बयान सद्भावना में दिया गया था और इसका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था।
रास्ते में काफिले की गाड़ियां टकराईं
राहुल गांधी सोमवार सुबह दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। लखनऊ से सुल्तानपुर जाते समय पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माइलस्टोन 91 के पास काफिले की 4-5 गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित रहे और समय पर कोर्ट पहुंचे।
कांग्रेस ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने फैसले को सत्य की जीत बताया और कहा कि इससे न्यायपालिका में भरोसा और मजबूत हुआ है।






