Deendayal Upadhyay Krishi Majdoor Kalyan Yojana: भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के लिए वरदान है यह योजना, खाते में आ रहे 10 हजार रुपये; जानें आवेदन का तरीका

Deendayal Upadhyay Krishi Majdoor Kalyan Yojana: भारत का अन्न भंडार भरने वाले खेतिहर मजदूरों की स्थिति में सुधार लाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अनूठी पहल की है। सरकार द्वारा ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।
यह योजना उन ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनके पास खेती के लिए अपनी कोई जमीन नहीं है और जो अपनी आजीविका के लिए दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। इस योजना के तहत राज्य के पात्र भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को प्रति वर्ष 10,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य: ‘अनिश्चितता से सुरक्षा की ओर’
ग्रामीण कृषि मजदूरों की आजीविका अक्सर मौसम, फसल चक्र और दैनिक काम पर निर्भर रहती है। जब खेतों में काम नहीं होता (ऑफ-सीजन), तो इन परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इसी अनिश्चितता को दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-2025 में इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत की गई थी।
- सीधी आय में वृद्धि: योजना का उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की शुद्ध वार्षिक आय को बढ़ाना है।
- साहूकारों के चंगुल से मुक्ति: इस आर्थिक सहायता के जरिए मजदूरों को स्थानीय साहूकारों के महंगे कर्ज के जाल से बचाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है।
- DBT से सीधा ट्रांसफर: योजना में पूरी पारदर्शिता बरतते हुए 10 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों का कोई काम नहीं रहता।
2026 में 4.95 लाख हितग्राहियों को मिला लाभ
आंकड़े इस योजना की शानदार सफलता की गवाही दे रहे हैं।
- वर्ष 2025 में: योजना के पहले वर्ष में 5 लाख 62 हज़ार 112 हितग्राहियों को कुल 562.11 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे।
- वर्ष 2026 में: सफलता के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इस साल 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495.96 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए हैं।
- इसमें विशेष रूप से 22 हजार 28 बैगा-गुनिया परिवार भी शामिल हैं। वर्तमान में आगामी किस्तों के लिए पात्र हितग्राहियों का e-KYC और भौतिक सत्यापन युद्ध स्तर पर चल रहा है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ? (पात्रता)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- आवेदक परिवार मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- परिवार पूरी तरह से भूमिहीन होना चाहिए (यानी किसी भी सदस्य के नाम पर कृषि भूमि दर्ज न हो)।
- आजीविका का मुख्य साधन अनिवार्य रूप से कृषि मजदूरी होना चाहिए।
कैसे करें योजना के लिए आवेदन? (Offline & Online)
योजना के लिए आवेदन करना बेहद सरल है। इसे दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है:
- ऑफलाइन प्रक्रिया: आवेदक अपने पंचायत, जनपद या ब्लॉक कार्यालय से निर्धारित फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को सही-सही भरकर और आवश्यक दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत के सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के पास जमा करें।
- ऑनलाइन प्रक्रिया: योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से या अपने नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर) पर जाकर भी ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराया जा सकता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- परिवार के सदस्यों का पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड)
- DBT इनेबल्ड बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर
- ग्राम पंचायत द्वारा जारी निवास और मजदूर होने का सत्यापन पत्र
- राजस्व विभाग (पटवारी) द्वारा जारी भूमिहीन होने का प्रमाण पत्र






