Mahasamund Juvenile Home Escape: बाल संप्रेक्षण गृह से 8 अपचारी फरार, पुलिस की तलाश जारी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। (Mahasamund Juvenile Home Escape) सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सरकारी बाल संप्रेक्षण गृह (ऑब्जर्वेशन होम) से सोमवार तड़के आठ बाल अपचारी खिड़की तोड़कर फरार हो गए हैं। इस Mahasamund Juvenile Home Escape की घटना ने राज्य में किशोर सुधार गृहों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभी फरार अपचारी 14 से 17 वर्ष की आयु के हैं और चोरी, दुष्कर्म और आबकारी जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध थे। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें फरार अपचारियों की तलाश में जुट गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कैसे हुई संप्रेक्षण गृह में सेंधमारी?
बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षक अपर्णा श्रीवास्तव की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार तड़के की है। रात लगभग 2 से 2:30 बजे के बीच पुलिस की एक गश्ती टीम ने परिसर का दौरा किया था, और उस वक्त सब कुछ सामान्य पाया गया था। अनुमान है कि यह Mahasamund Juvenile Home Escape रात 3 बजे के बाद अंजाम दिया गया। घटना के समय संप्रेक्षण गृह में ड्यूटी पर केवल दो कर्मचारी (एक चौकीदार और एक हाउस फादर) मौजूद थे। इसी दौरान इन 8 बाल अपचारियों ने मौका पाकर एक कमरे की खिड़की के सरियों को खींचा और उन्हें फैलाकर वहां से भाग निकले।
कहां के रहने वाले हैं फरार अपचारी और क्या हैं आरोप?
फरार हुए आठ बाल अपचारी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्य ओडिशा के रहने वाले हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इनमें से दो सरायपाली (महासमुंद), दो कालाहांडी (ओडिशा), एक महासमुंद शहर, एक फिंगेश्वर (गरियाबंद), एक बलौदाबाजार-भाटापारा और एक कुरुद (धमतरी) का रहने वाला है। अपराधों की बात करें तो इनमें से तीन किशोर आबकारी अधिनियम के तहत, दो चोरी के मामले में, एक दुष्कर्म और एक मादक पदार्थ (ड्रग्स) से जुड़े मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद था। घटना के समय इस गृह में कुल 27 बाल अपचारी मौजूद थे।
पुलिस का तलाशी अभियान और पुरानी घटनाओं से उठते सवाल
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अपचारियों के घर सहित सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में यह कोई पहली घटना नहीं है जब किशोर अपराधियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ा हो। इससे पहले 13 जुलाई को बिलासपुर के ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ से 40 वर्षीय चौकीदार की हत्या कर 4 कैदी भाग गए थे। वहीं, 23 जून को सरगुजा जिले के संप्रेक्षण गृह से भी भारी बारिश और बिजली कटौती का फायदा उठाकर 11 बाल अपचारी फरार हो गए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं से प्रदेश के संप्रेक्षण गृहों की लचर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है।
5. मुख्य तथ्य एक नजर में
- घटना की तारीख और समय: सोमवार तड़के (रात 3 बजे के बाद)।
- स्थान: सरकारी बाल संप्रेक्षण गृह, सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र, महासमुंद (छत्तीसगढ़)।
- प्रमुख घटना: खिड़की के लोहे के सरिये फैलाकर 8 बाल अपचारी फरार।
- अपचारियों की उम्र: 14 से 17 वर्ष के बीच।
- आरोप: चोरी, दुष्कर्म, आबकारी अधिनियम और ड्रग्स के मामलों में थे बंद।
- कुल क्षमता और स्टाफ: कुल 27 बच्चे निरुद्ध थे, ड्यूटी पर केवल 2 कर्मचारी तैनात थे।
- पुलिस की कार्रवाई: सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस का तलाशी और छापेमारी अभियान जारी।






