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ED Investigates TTI Foreign Funding: ED की रडार पर अमेरिकी ईसाई संगठन TTI: अवैध धर्मांतरण के लिए 1000 विदेशी डेबिट कार्ड से भारत भेजे 92.55 करोड़ रुपये!

नई दिल्ली/रायपुर: देश में अवैध धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के नेक्सस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के रडार पर अमेरिका का एक ईसाई संगठन ‘टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) आ गया है।

इस संगठन पर विदेशी मुद्रा नियमों (FEMA) का गंभीर उल्लंघन करते हुए भारत में 92.55 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम गुपचुप तरीके से भेजने का सनसनीखेज आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि इस बड़ी रकम को खपाने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था।

1000 से ज्यादा विदेशी डेबिट कार्ड्स से निकाला गया कैश

ED की जांच के अनुसार, TTI ने भारत में पैसे भेजने के लिए बैंकिंग चैनल के बजाय विदेशी डेबिट कार्ड्स (Foreign Debit Cards) का बड़ा नेटवर्क इस्तेमाल किया।

  • अमेरिका के ट्रुइस्ट बैंक (Truist Bank) से जारी किए गए विदेशी डेबिट कार्ड्स के जरिए यह रकम निकाली गई।
  • पैसा निकालने का काम मुख्य रूप से कर्नाटक, असम और छत्तीसगढ़ के कुछ चुनिंदा इलाकों के एटीएम (ATM) से किया गया।
  • जांच से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए संगठन ने 1,000 से ज्यादा डेबिट कार्ड्स का इस्तेमाल किया, जिनमें से कई कार्ड फर्जी नामों से बनवाए गए थे।

अवैध धर्मांतरण और देश की सुरक्षा को खतरे का शक

ED को गहरा शक है कि इस 92 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी राशि का इस्तेमाल भारत में गैर-कानूनी तरीके से लोगों का धर्मांतरण (Religious Conversion) कराने में किया गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस तरह के अवैध विदेशी फंडिंग नेटवर्क से देश की आंतरिक सुरक्षा को भी बड़ा खतरा हो सकता है।

अप्रैल 2026 की छापेमारी में हुए थे खुलासे: इससे पहले अप्रैल 2026 में ईडी ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अधिकारियों को मौके से 40 लाख रुपये नकद और 25 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद हुए थे, जिसने इस पूरे विदेशी फंडिंग सिंडिकेट की पोल खोल दी।

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को निशाना बनाने का आरोप

इस मामले का छत्तीसगढ़ से भी गहरा कनेक्शन सामने आ रहा है। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने TTI और उससे जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा का कहना है कि यह अमेरिकी संगठन राज्य के सुदूर इलाकों में भोले-भाले आदिवासी समुदायों को लालच देकर धर्मांतरण के लिए निशाना बना रहा है। फिलहाल ED इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड्स और स्थानीय मददगारों की तलाश में जुटी हुई है।

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