Gold-Silver Price: PM मोदी की अपील का जबरदस्त असर, 2 दिन में ₹8,800 टूटी चांदी; औंधे मुंह गिरा सोना

Gold-Silver Price: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा देशवासियों से गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील का सर्राफा बाजार पर भारी असर देखने को मिल रहा है। लगातार दूसरे दिन, 2 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, महज 2 दिन के भीतर चांदी 8,800 रुपए से ज्यादा सस्ती हो गई है, वहीं सोने के दाम भी 4,600 रुपए से अधिक टूट चुके हैं। घरेलू कारणों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव भी इस गिरावट की अहम वजह बने हैं।
खबर की मुख्य बातें (Gold-Silver Price)
- आज का भाव: 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,999 गिरकर 1.51 लाख रुपए पर आया। चांदी ₹2,023 गिरकर 2.28 लाख रुपए/किलो हुई।
- 2 दिन में भारी गिरावट: पीएम की अपील के बाद 2 दिन में चांदी ₹8,803 और सोना ₹4,651 सस्ता हुआ।
- ऑल टाइम हाई से तुलना: सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 25 हजार रुपए और चांदी 1.58 लाख रुपए सस्ती बिक रही है।
- गिरावट की असल वजह: पीएम मोदी की अपील, कच्चे तेल में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव।
2 दिन में औंधे मुंह गिरे सोने-चांदी के दाम
पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था कि ‘अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए।’ इस अपील का असर सीधे ग्राहकों की मांग पर पड़ा है:
- 2 सितंबर का हाल: आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,999 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। वहीं, एक किलो चांदी 2,023 रुपए सस्ती होकर 2.28 लाख रुपए पर आ गई।
- बीते दो दिनों का आंकड़ा: कल और आज की गिरावट को मिला लें तो 2 दिन में ही चांदी 8,803 रुपए और सोना 4,651 रुपए सस्ता हो चुका है। (कल सोना 2,652 रुपए और चांदी 6,780 रुपए सस्ती हुई थी।)
क्यों गिर रहे हैं दाम? (मार्केट एक्सपर्ट की राय)
मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे दो मुख्य फैक्टर काम कर रहे हैं:
- घरेलू मांग में कमी: PM मोदी की अपील (गैर-जरूरी सोना न खरीदें) के चलते भारतीय बाजार में सोने की कीमत पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है।
- भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में ईरान के एक द्वीप पर हमला किया गया है, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इस तनाव के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी आई है, जिससे सोने-चांदी में बिकवाली हावी हुई है।
ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
इस साल कीमती धातुओं ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा है। 29 जनवरी को सोना और चांदी दोनों अपने ऑल टाइम हाई (All-Time High) पर थे। आइए देखते हैं वहां से अब दाम कितने कम हुए हैं:
| धातु | 31 दिसंबर 2025 | ऑल टाइम हाई (29 जनवरी) | आज का ताजा भाव (2 सितंबर) | रिकॉर्ड हाई से कुल गिरावट |
| सोना (10 ग्राम) | ₹1.33 लाख | ₹1.76 लाख | ₹1.51 लाख | ₹25,000 सस्ता |
| चांदी (1 किलो) | ₹2.28 लाख | ₹3.86 लाख | ₹2.28 लाख | ₹1.58 लाख सस्ती |
अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों होते हैं?
अक्सर लोगों को अपने शहर और इंटरनेट के भाव में अंतर दिखता है, इसकी 4 मुख्य वजहें हैं:
- ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है।
- खपत का अंतर: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं।
- लोकल एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर अपने रेट तय करते हैं।
- पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने पिछला स्टॉक किस रेट पर खरीदा था, इसका असर भी रिटेल कीमत पर पड़ता है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 3 बातों का जरूर रखें ध्यान
- हॉलमार्क (BIS) जरूरी: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। इस पर 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे- AZ4524) होता है।
- कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। IBJA की वेबसाइट से सही दाम जरूर चेक करें।
- मेकिंग चार्ज (Making Charges): गहने बनवाने पर ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज लेते हैं, जो फिक्स नहीं होता। इसमें जमकर मोलभाव किया जा सकता है। ज्वेलर्स से लेबर कॉस्ट का पूरा ब्रेकअप मांगें।






