Chhattisgarh NewsExclusivePolitics

CG Politics: छत्तीसगढ़ में 9 विधायकों पर FIR, कांग्रेस ने बताया ‘बदलापुर’, बीजेपी बोली- कानून सबके लिए बराबर

रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजनीति में इन दिनों एफआईआर (FIR) का आंकड़ा एक बड़ी सियासी बहस का केंद्र बन गया है। हाल ही में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप में केस दर्ज होने के बाद से यह मुद्दा और गरमा गया है। प्रदेश में भाजपा सरकार के पिछले ढाई साल के कार्यकाल पर नजर डालें, तो अब तक 9 विधायकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 7 और सत्ताधारी दल भाजपा के 2 विधायक शामिल हैं। इस आंकड़े ने प्रदेश में ‘बदलापुर मॉडल’ बनाम ‘कानून व्यवस्था’ की नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

इन 9 विधायकों के खिलाफ दर्ज हुई है FIR

प्रदेश के जिन नौ विधायकों पर कानूनी कार्रवाई हुई है, उनके मामले अलग-अलग और काफी गंभीर प्रकृति के रहे हैं:

  • रामकुमार टोप्पो (भाजपा विधायक, सीतापुर): मई 2026 में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप। इस घटना के बाद प्रदेशभर के तहसीलदार हड़ताल पर चले गए थे।
  • भूपेश बघेल (कांग्रेस विधायक, पाटन एवं पूर्व सीएम): बहुचर्चित ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप’ (Mahadev App) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज हुई, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं।
  • देवेंद्र यादव (कांग्रेस विधायक, भिलाई नगर): जून 2024 में बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण और मई 2026 में बेमेतरा जिले की घटना को लेकर दिए गए विवादित बयान पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं।
  • कवासी लखमा (कांग्रेस विधायक, कोंटा): पूर्व मंत्री पर कथित शराब घोटाले, आबकारी नीति और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों ने मामला दर्ज किया है।
  • व्यास नारायण कश्यप (कांग्रेस विधायक, चांपा): फरवरी 2026 में चक्काजाम कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तारी और एफआईआर की कार्रवाई हुई।
  • बालेश्वर साहू (कांग्रेस विधायक, जैजैपुर): जनवरी 2026 में सहकारी बैंक से जुड़े कथित वित्तीय गबन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
  • डॉ. चरणदास महंत (कांग्रेस विधायक, सक्ती): लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दिए गए एक कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर भाजपा की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ।
  • उत्तरी जांगड़े (कांग्रेस विधायक, सारंगढ़): नवंबर 2024 में एक वायरल वीडियो में कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
  • रायमुनी भगत (भाजपा विधायक, जशपुर): जनवरी 2025 में एक विवादित बयान को लेकर शिकायत दर्ज हुई, जिसका सामाजिक संगठनों ने भारी विरोध किया था।

कांग्रेस का आरोप: ‘बदलापुर मॉडल’ पर चल रही सरकार

इस पूरी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस आक्रामक है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए चुन-चुनकर एफआईआर दर्ज करा रही है। कांग्रेस का दावा है कि कई नेताओं को बेवजह जेल भेजा गया, जिन्हें बाद में अदालतों से राहत भी मिली। कांग्रेस इसे सीधे तौर पर ‘राजनीतिक बदले’ की कार्रवाई करार दे रही है।

भाजपा का जवाब: ‘अपराध किया है तो कार्रवाई होगी’

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने किसी भी नेता का ‘दल’ देखकर कार्रवाई नहीं की है। उनका कहना है कि बलौदाबाजार हिंसा, शराब घोटाला, और महादेव एप जैसे मामलों में जो भी ठोस तथ्य सामने आए हैं, उसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा का साफ संदेश है कि कानून सबके लिए बराबर है और अपराध करने वालों पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।

Related Articles

Back to top button