Chhattisgarh By-Election Results 2026 BJP Congress: नगर पंचायतों पर भाजपा का कब्जा, शहरी वार्डों में कांग्रेस ने दिखाई ताकत

Chhattisgarh By-Election Results 2026 BJP Congress: छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति में 4 जून 2026 का दिन एक नई करवट लेकर आया। नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनावों के नतीजे सामने आते ही यह साफ हो गया कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने मोर्चों पर दमखम दिखाया है। 1 जून को हुए मतदान के बाद गुरुवार को हुई मतगणना में 1,310 रिक्त पदों का भाग्य तय हुआ।
नगर पंचायतों में भाजपा ने बनाई बढ़त
पांच प्रमुख नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के मुकाबले में भाजपा ने तीन सीटें अपने नाम कर स्पष्ट बढ़त हासिल की। कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने 754 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद संभाला। यह जीत भाजपा के लिए इस क्षेत्र में एक मजबूत संदेश है।
जांजगीर-चांपा जिले की नवगठित बामनीडीह नगर पंचायत भी भाजपा की झोली में गई। यहां से रमेश डडसेना अध्यक्ष निर्वाचित हुए और वार्ड चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा। 15 में से 11 वार्डों पर भाजपा ने कब्जा जमाया।
सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा समर्थित रितेश जायसवाल अध्यक्ष चुने गए। हालांकि यहां वार्ड स्तर पर कांग्रेस ने 8 सीटें जीतकर यह बता दिया कि जमीनी लड़ाई उसके लिए भी आसान नहीं है।
कांग्रेस ने भी कुछ कम नहीं किया
भाजपा की बढ़त के बावजूद कांग्रेस ने दो नगर पंचायतों में अपना परचम लहराया। राजनांदगांव जिले की नवगठित घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने महज 85 वोटों के रोमांचक अंतर से अध्यक्ष पद जीता। यह कड़ा मुकाबला दिखाता है कि इस क्षेत्र में दोनों पार्टियों के बीच सीधी टक्कर है।
बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस उम्मीदवार यनेश कुमार अध्यक्ष बने और पार्टी ने 9 वार्डों में भी जीत दर्ज कर संगठनात्मक मजबूती का प्रमाण दिया।
निगम वार्डों में कांग्रेस की सफल वापसी
नगर निगम उपचुनाव में कांग्रेस ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के इंदिरा वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी विजयी रहे। इसी तरह बिलासपुर नगर निगम के संजय गांधी नगर वार्ड से कांग्रेस उम्मीदवार शेख आजम ने भाजपा प्रत्याशी को पछाड़ते हुए सीट अपने नाम की।
नतीजों का राजनीतिक संदेश
इन उपचुनाव परिणामों को केवल स्थानीय चुनाव मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नगर पंचायतों में भाजपा की पकड़ जहां सत्ता के प्रति जनता के सामान्य रुझान को दर्शाती है, वहीं शहरी वार्डों में कांग्रेस की वापसी यह संकेत देती है कि विपक्ष अभी मैदान छोड़ने के मूड में नहीं है। आगामी चुनावी समर में यह नतीजे दोनों दलों की रणनीति को नई दिशा देंगे।



