Chintan Shivir 3.0: IIM रायपुर में सरकार का महामंथन; CM साय बोले- ई-ऑफिस और 520 सेवाओं वाले ‘सेवा सेतु’ से आया सुशासन

State News (Raipur): भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘Chintan Shivir 3.0’ ने छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों की नई राह खोल दी है।
इस चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी कैबिनेट के मंत्रियों और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शासन को आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने पर व्यापक मंथन किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह शिविर सिर्फ बातचीत का मंच नहीं है, बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति में सुधार का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- नवाचार पर जोर: शासन में तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को केंद्र में रखकर नीतियां बनेंगी।
- दिख रहे सकारात्मक परिणाम: पिछले शिविरों के सुझावों से ई-ऑफिस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) जैसी योजनाएं सफल रहीं।
- 520 सेवाएं अब ऑनलाइन: ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के जरिए 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं जनता को मिल रही हैं।
- विशेषज्ञों ने दिया मंत्र: गौर गोपाल दास ने लीडरशिप और अभय करंदीकर ने AI तकनीक पर अपनी राय रखी।
पिछले चिंतन शिविरों के सुझावों से बदला सिस्टम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो संस्करणों (Chintan Shivir 1.0 और 2.0) से मिले सुझावों को सरकार ने धरातल पर उतारा है।
उन्होंने बताया कि इसी मंथन के आधार पर मंत्रालय में ‘ई-ऑफिस प्रणाली’ लागू की गई, जिससे फाइलों के निपटारे में तेजी और पारदर्शिता आई। इसी तरह मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और ‘सेवा सेतु’ जैसे पोर्टल शुरू हुए, जिससे आज आम जनता को घर बैठे 36 विभागों की 520 सेवाएं आसानी से मिल रही हैं।
AI, 5G और ड्रोन से स्मार्ट बनेगा प्रशासन
Chintan Shivir 3.0 के पहले दिन तकनीक और सुशासन पर खास फोकस रहा। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने “इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़” विषय पर मंत्रियों को संबोधित किया।
उन्होंने बताया कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), 5G, ड्रोन, ब्लॉकचेन और डेटा-आधारित प्रशासन (Data-driven Governance) के जरिए सरकारी सिस्टम को और ज्यादा दक्ष और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। इससे तकनीक आधारित सेवा वितरण और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
‘सेवा-भाव’ और ‘कृषि से समृद्धि’ पर मंथन
शिविर में मशहूर आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व विकास, भावनात्मक संतुलन और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी सुशासन के लिए मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन बेहद जरूरी है।
वहीं, “कृषि से समृद्धि” सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद और विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने:
- प्राकृतिक खेती (Natural Farming)
- जलवायु अनुकूल कृषि और फसल विविधीकरण
- बाजार संपर्क और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर व्यावहारिक सुझाव दिए।
रायपुर : चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के अगले चरण की रूपरेखा तैयार होगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
विकसित भारत 2047 की तर्ज पर ‘विकसित छत्तीसगढ़’
मंथन के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि Chintan Shivir 3.0 से निकले सुझाव सुशासन, कृषि सुधार और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के अनुरूप ही ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण किया जाएगा। शिविर से निकले विचारों को जल्द ही ठोस नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों के रूप में लागू किया जाएगा।






