CG BJP Reshuffle: छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट; किरण देव के स्वास्थ्य और ‘एक व्यक्ति, एक पद’ को लेकर मंथन तेज

CG BJP Reshuffle: छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश संगठन में आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव की स्वास्थ्य स्थिति और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की किसी भी आधिकारिक संभावना को खारिज कर रहे हैं, लेकिन संगठन की आंतरिक गतिविधियां कुछ बड़े बदलावों की ओर इशारा कर रही हैं।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- किरण देव की सेहत पर नजर: सड़क हादसे के बाद दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं प्रदेशाध्यक्ष, जल्द रायपुर वापसी की संभावना।
- चुनावी तैयारियों की चुनौती: विधानसभा चुनाव में करीब दो साल शेष, संगठन को चुनावी मोड में लाने के लिए तेज सक्रियता की दरकार।
- ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का फॉर्मूला: राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिलने के बाद प्रदेश पदाधिकारियों के पदों पर हो सकता है बदलाव।
- उपाध्यक्ष का पद रिक्त: प्रदेश उपाध्यक्ष के खाली पद और मोर्चा-प्रकोष्ठों के गठन को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य।
सड़क हादसे के बाद रिकवरी की राह पर किरण देव
गौरतलब है कि पिछले दिनों झांसी के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। झांसी मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके पैर और कमर के निचले हिस्से का सफल ऑपरेशन हुआ।
वे पिछले करीब एक पखवाड़े से नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ निवास में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। 23 अगस्त को उनके टांके खोले जाने की जानकारी सामने आई है और उम्मीद जताई जा रही है कि वे इसी महीने छत्तीसगढ़ लौट सकते हैं। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें पहले की तरह पूरी तरह से सक्रिय होने में अभी कुछ वक्त और लग सकता है।
संगठन में नेतृत्व और सक्रियता को लेकर समीकरण
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के भीतर इस बात पर विचार-विमर्श चल रहा है कि यदि किरण देव को पूरी तरह फील्ड में उतरने में अधिक समय लगता है, तो आगामी रणनीति क्या होगी। विधानसभा चुनावों में लगभग दो साल का समय बचा है और पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी तैयारियों में जुट जाए।
भाजपा में कार्यवाहक या कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाने की कोई स्थापित परंपरा नहीं रही है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में हुए बदलावों के बाद प्रदेश में मोर्चा और प्रकोष्ठों की नई कार्यकारिणी के गठन का काम भी तेजी से निपटाया जाना है। पार्टी का लक्ष्य है कि दिसंबर तक सभी संगठनात्मक नियुक्तियां पूरी कर ली जाएं, ताकि जनवरी 2027 से चुनावी रोडमैप पर जमीनी काम शुरू हो सके।
‘एक व्यक्ति, एक पद’ और खाली पदों पर फैसला जल्द
प्रदेश संगठन में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत को लेकर भी सुगबुगाहट तेज है:
- रूपकुमारी चौधरी: सांसद रूपकुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब उनके प्रदेश उपाध्यक्ष पद से मुक्त होने और उनकी जगह किसी नए चेहरे को मौका मिलने की चर्चा है।
- दीपक म्हस्के: सीजीएमएससी (CGMSC) के अध्यक्ष दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके चलते उनके वर्तमान पद को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश उपाध्यक्ष का एक पद पहले से ही रिक्त चल रहा है। चूंकि उपाध्यक्षों को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों और जिलों की संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं, इसलिए पार्टी इस पद को ज्यादा समय तक खाली रखने के मूड में नहीं है। हाल ही में नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति में प्रदेश उपाध्यक्ष ने ही छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था।
फिलहाल, केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व की नजरें किरण देव के स्वास्थ्य सुधार पर टिकी हैं, जिसके बाद ही संगठन के अंतिम स्वरूप पर मुहर लगेगी।






