Chhattisgarh ABC ID: 6.5 लाख छात्रों के लिए वरदान बनी ‘एकेडमिक बैंक’ और DigiLocker योजना

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ी डिजिटल क्रांति आ चुकी है। राज्य के छात्रों को ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना की जो सबसे बड़ी सौगात मिली थी, वह अब वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व होकर जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है।
Chhattisgarh ABC ID: क्या है ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC)?
यह एक ऐसा डिजिटल बैंक है जहाँ पैसे नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई के ‘क्रेडिट’ (अंक) जमा होते हैं। अगर कोई छात्र पारिवारिक या आर्थिक कारणों से 2 साल बाद अपनी पढ़ाई छोड़ देता है, तो उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। पहले के समय में यह 2 साल की पढ़ाई ‘0’ मान ली जाती थी। लेकिन अब, ABC ID के जरिए उसके कमाए गए क्रेडिट डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे। 2 या 3 साल बाद जब भी वह पढ़ाई शुरू करना चाहेगा, तो वह राज्य या देश की किसी भी यूनिवर्सिटी में सीधे 3rd ईयर में प्रवेश ले सकेगा। इस व्यवस्था को “मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट” का नाम दिया गया है।
33 जिलों के 6.5 लाख छात्रों को फायदा
वर्तमान में यह महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पूरी तरह सक्रिय है। इस डिजिटल सिस्टम के दायरे में 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं आ चुके हैं। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जैसे अग्रणी संस्थान इस महा-अभियान में शामिल हैं।
100% केंद्रीय सहयोग और डिजीलॉकर सुरक्षा
इस पूरी डिजिटल अवसंरचना के लिए केंद्र सरकार के MeitY और शिक्षा मंत्रालय द्वारा 100% तकनीकी और वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके चलते राज्य सरकार पर कोई आर्थिक भार नहीं पड़ा है।
विश्वविद्यालयों को सीधे ‘नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी’ (NAD) पोर्टल से जोड़ दिया गया है। इससे छात्रों की मूल अंकसूची और डिग्रियां सीधे उनके डिजीलॉकर में सुरक्षित हो रही हैं। अब छात्रों को नौकरी के इंटरव्यू में भारी-भरकम फाइल ले जाने की जरूरत नहीं है; मोबाइल में मौजूद ABC ID और डिजिटल डिग्रियां ही काफी हैं। इस योजना ने सुदूर वनांचल के छात्रों को भी देशव्यापी उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़कर उनके सपनों को डिजिटल उड़ान दी है।






