CG News: हरेली तिहार के पोस्टर से ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ गायब! भड़के चरणदास महंत ने कहा- ‘यह BJP की सोची-समझी चाल’

CG News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सबसे बड़े लोक पर्व ‘हरेली तिहार’ (Hareli Tihar) को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है। विवाद की जड़ राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया हरेली तिहार का एक पोस्टर है। दरअसल, इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तस्वीरें तो लगाई गई हैं, लेकिन ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ (Chhattisgarh Mahtari) की तस्वीर को जगह नहीं दी गई है। इसे लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर करारा हमला बोला है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- पोस्टर विवाद: हरेली तिहार के सरकारी पोस्टर में नहीं दी गई ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ को जगह।
- महंत का आरोप: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा- यह छत्तीसगढ़ियों को उनकी पहचान से अलग करने की चाल है।
- दीपक बैज का तंज: PCC चीफ दीपक बैज ने भी पोस्टर विवाद को लेकर विष्णु देव साय सरकार पर साधा निशाना।
- अस्मिता का सवाल: कांग्रेस का आरोप- छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का भाजपा कर रही है अपमान।
‘महतारी की तस्वीर हटाना BJP की चाल’- चरणदास महंत
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत (Charandas Mahant) ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की विष्णु देव साय सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का अपमान बताया है।
महंत ने कहा, “हरेली तिहार जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के पोस्टर से ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की तस्वीर का गायब होना बेहद दुखद है। पोस्टर में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गई हैं, लेकिन उस छत्तीसगढ़ महतारी को जगह नहीं दी गई जो प्रदेश की पहचान और अस्मिता का सर्वोच्च प्रतीक हैं। यह साफ तौर पर भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है।”
‘छत्तीसगढ़ियों को उनकी पहचान से अलग करने की कोशिश’
नेता प्रतिपक्ष ने अपना हमला तेज करते हुए कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, खेती-किसानी और माटी से जुड़ा हुआ हमारा प्रमुख पर्व है। ऐसे बड़े आयोजन के प्रचार-प्रसार में राज्य की संस्कृति और पहचान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
चरणदास महंत ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि, “छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को पोस्टर से जानबूझकर अलग किया गया है। यह भाजपा की एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है। भाजपा राज्य के लोगों (छत्तीसगढ़ियों) को उनकी मूल पहचान और छत्तीसगढ़ महतारी से अलग करने का प्रयास कर रही है।”
इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के चीफ दीपक बैज (Deepak Baij) ने भी राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय अस्मिता और प्रतीकों से परहेज है।






