CG Congress PCC Chief: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज, दिल्ली में डटे आदिवासी नेता

छत्तीसगढ़ कांग्रेस (CG Congress PCC Chief) में प्रदेश अध्यक्ष यानी PCC चीफ के पद को लेकर सियासी पारा अचानक हाई हो गया है. संगठन में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट के बीच पार्टी के कई दिग्गज आदिवासी नेता इन दिनों दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं ने नेताओं की सक्रियता बढ़ा दी है और कांग्रेस हाईकमान से मुलाकातों का दौर भी लगातार जारी है.
PCC चीफ के लिए आदिवासी चेहरे पर फोकस, CG Congress PCC Chief
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए किसी बड़े आदिवासी चेहरे को कमान सौंपने की संभावना जताई जा रही है. इसी चर्चा के बीच छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ आदिवासी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं. संभावित दावेदारों की सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, विधायक लखेश्वर बघेल और विधायक जनक ध्रुव जैसे दिग्गजों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक किसी 1 नाम पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है.
दिल्ली में कौन-कौन से दिग्गज नेता हैं मौजूद?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही इस रस्साकशी के बीच जो नेता दिल्ली में मौजूद हैं, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और आबकारी घोटाला मामले में जमानत पर बाहर आए वरिष्ठ आदिवासी नेता कवासी लखमा शामिल हैं. इसके साथ ही विधायक जनक ध्रुव भी दिल्ली में जमे हुए हैं.
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन में 1 बहुत बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ संगठन के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है.
नेतृत्व परिवर्तन पर हाईकमान करेगा अंतिम फैसला
हाल के दिनों में प्रदेश कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार दबी जुबान में चर्चाएं होती रही हैं. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में दिग्गज आदिवासी नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी को सीधे तौर पर इसी राजनीतिक कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है.
हालांकि, कांग्रेस नेताओं का स्पष्ट कहना है कि संगठन में किसी भी तरह के बदलाव या नियुक्ति का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा. फिलहाल, कांग्रेस संगठन की ओर से किसी भी बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली में अचानक बढ़ी इन राजनीतिक गतिविधियों ने छत्तीसगढ़ की सियासत का तापमान 100 प्रतिशत बढ़ा दिया है.






