Som Distilleries CG Excise: आबकारी विभाग की फाइलों में उलझा ‘सोम डिस्टिलरीज’ का मामला, अगले सप्ताह हो सकता है बड़ा फैसला

Som Distilleries CG Excise: छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में इन दिनों एक फाइल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फाइल मध्य प्रदेश में कार्रवाई का सामना कर रही शराब निर्माता कंपनी सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड (Som Distilleries and Breweries Ltd) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश में गंभीर आरोपों के चलते कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड हो चुका है, लेकिन छत्तीसगढ़ में उसे सप्लायर बनने से रोकने पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है।
मध्य प्रदेश में कार्रवाई, छत्तीसगढ़ में मिली एंट्री
विवाद की जड़ यह है कि सोम डिस्टिलरीज को वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ में शराब सप्लाई करने वाली कंपनियों की सूची में शामिल किया गया है।
- MP में लगा था बैन: इसी कंपनी पर मध्य प्रदेश में फर्जी एक्साइज परमिट और अवैध शराब परिवहन के गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिसके बाद फरवरी 2026 में MP सरकार ने इसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था।
- हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत: कंपनी ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन 23 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लाइसेंस निलंबन को बरकरार रखते हुए सरकार की कार्रवाई को सही ठहराया।
सहयोगी ईकाई के जरिए सप्लाई का ‘खेल’
इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद छत्तीसगढ़ में कंपनी की एंट्री आसान बनी रही। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग ने कंपनी की ओडिशा यूनिट और उससे जुड़ी 1 सहयोगी इकाई को सप्लायर सूची में शामिल कर लिया। इन्हें राज्य की लैंडिंग प्राइस लिस्ट में अधिकृत तौर पर जगह दे दी गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।
महाधिवक्ता की कानूनी राय और फाइलों का चक्रव्यूह
जब विवाद और शिकायतें बढ़ने लगीं, तो तत्कालीन आबकारी आयुक्त ने इस पूरे प्रकरण पर छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता (Advocate General) से कानूनी सलाह मांगी। पिछले सप्ताह महाधिवक्ता ने अपनी एक्सपर्ट ओपिनियन विभाग को सौंप दी, जिसमें कई कानूनी बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि महाधिवक्ता की राय मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो सकी। फाइलें अब भी अफसरों की टेबलों के बीच घूम रही हैं। इसी बीच विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हो गया और तत्कालीन आबकारी आयुक्त का तबादला कर दिया गया।
नए आयुक्त पी.एल. एल्मा से उम्मीदें
अब आबकारी विभाग की कमान नए आयुक्त पी.एल. एल्मा ने संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्वीकार किया है कि वे इस मामले की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगले सप्ताह इस प्रकरण पर 1 बड़ा और सख्त निर्णय लिया जा सकता है। अब प्रदेश भर की निगाहें अगले सप्ताह पर टिकी हैं कि क्या महाधिवक्ता की कानूनी राय फाइलों से बाहर निकलेगी या यह मामला भी सरकारी सुस्ती की भेंट चढ़ जाएगा।



