CM Vishnu Deo Sai:रायपुर में CM विष्णुदेव साय ने गरबा महोत्सवों में की शिरकत, बोले- नारी शक्ति का सम्मान ही प्रदेश की प्रगति का आधार

CM Vishnu Deo Sai: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा और नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और महिलाओं की प्रगति ही पूरे समाज व प्रदेश की उन्नति का मुख्य आधार है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया:
- कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर में माता के दर्शन-पूजन।
- मंडी परिसर और भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित गरबा समारोह।
- गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज का नवरात्रि महोत्सव।
- अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ‘ढोलिडा रास गरबा-2026’।
महतारी वंदन योजना और 14 लाख ‘लखपति दीदी'(CM Vishnu Deo Sai)
राज्य सरकार के महिला सशक्तिकरण प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
- महतारी वंदन योजना: इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपए की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है। यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की स्वतंत्रता को मजबूत कर रही है।
- लखपति दीदी: प्रदेश की 14 लाख बहनें अब ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़कर ये महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के जरिए न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रही हैं।
गरबा: सामाजिक एकता और आस्था का उत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने गरबा को केवल एक नृत्य आयोजन न मानकर इसे मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा की सुंदर अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात से शुरू हुई यह समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में मनाई जाती है, जो सांस्कृतिक विविधता में एकता का बेहतरीन उदाहरण है। मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण भागीदारी से ही ऐसे आयोजन गरिमामय बनते हैं।
‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक विकास की ओर बढ़ रहा है।
- शक्ति आराधना की पावन भूमि: छत्तीसगढ़ माता कौशल्या के साथ-साथ मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसी आराध्य देवियों की पावन भूमि है।
- धार्मिक पर्यटन का विकास: राज्य सरकार इन सभी प्रमुख देवी शक्तिपीठों और आस्था केंद्रों में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो सके।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।






