Smriti Irani Raipur Visit:छत्तीसगढ़ भाजपा की नई प्रभारी स्मृति ईरानी का रायपुर दौरा तय: 25 अक्टूबर को पहुंचेंगी, ‘मिशन 2028’ के लिए 2 दिन तक बैठकों का महादौर

Smriti Irani Raipur Visit: छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आगामी रायपुर दौरा फाइनल हो गया है। वह सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ 25 अक्टूबर को राजधानी रायपुर पहुंचेंगी। अपने 2 दिवसीय दौरे के दौरान वह प्रदेश भाजपा मुख्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में लगातार संगठनात्मक बैठकों की अध्यक्षता करेंगी। इस मैराथन मंथन में वर्ष 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने, संगठन को निचले स्तर तक मजबूत करने और पार्टी नेताओं की नई जिम्मेदारियां तय करने पर विस्तृत चर्चा होगी।
8 महीने बाद मिला नया प्रभारी, स्वागत की भव्य तैयारी(Smriti Irani Raipur Visit)
प्रदेश भाजपा को लगभग 8 महीने के लंबे अंतराल के बाद नया प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी मिला है। स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद से ही उनके पहले छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा था। कार्यक्रम तय होते ही प्रदेश संगठन ने उनके भव्य स्वागत और बैठकों की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 अक्टूबर की सुबह माना विमानतल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उनका जोरदार स्वागत करेंगे।
CM साय, मंत्रियों और कोर ग्रुप के साथ अहम बैठकें
2 दिवसीय दौरे के पहले दिन से ही कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठकों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
- प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, नवनियुक्त संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और प्रदेश महामंत्रियों के साथ शुरुआती सांगठनिक बैठक होगी।
- इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा समेत कैबिनेट के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ सरकार और संगठन के समन्वय पर चर्चा होगी।
- संभाग और जिला प्रभारी, सह प्रभारी, जिलाध्यक्षों के साथ-साथ भाजपा के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के संयोजकों के साथ अलग-अलग सत्रों में कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
- दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की उच्चस्तरीय बैठक भी आहूत की जाएगी।
पुराने और वरिष्ठ दिग्गज नेताओं को मिल सकती हैं नई जिम्मेदारियां
स्मृति ईरानी के इस दौरे का 1 सबसे अहम पहलू वरिष्ठ नेताओं के साथ होने वाला संवाद माना जा रहा है। पार्टी के उन दिग्गज नेताओं के साथ ‘वन-टू-वन’ (आमने-सामने) चर्चा की योजना है, जिनके पास वर्तमान में संगठन या सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है।
रणनीतिकारों का मानना है कि ‘मिशन 2028’ को साधने के लिए पार्टी किसी भी स्तर पर असंतोष नहीं चाहती और पुराने अनुभवी चेहरों की क्षमता का पूरा उपयोग करना चाहती है। ऐसे में कई वरिष्ठ नेताओं को आगामी कार्यक्रमों के संचालन और क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।






