तारा कोल ब्लॉक नीलामी: भूपेश बघेल ने CM साय को दी खुली चुनौती; कहा- ‘कागजों के साथ मीडिया के सामने करें खुली बहस’

छत्तीसगढ़ की राजनीति में हसदेव अरण्य और तारा कोल ब्लॉक की नीलामी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को दस्तावेजों के साथ खुली बहस की चुनौती दे डाली है।
शुक्रवार को भिलाई टाउनशिप के विभिन्न गणेश पंडालों का दौरा करने पहुंचे भूपेश बघेल ने स्थानीय लोगों से मुलाकात के साथ-साथ कई अहम राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने हसदेव के अलावा प्रदेश में कांग्रेस के सीएम चेहरे और लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी खुलकर बात की।
CM के पत्र से शुरू हुई नीलामी की प्रक्रिया
पूर्व सीएम बघेल ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हसदेव अरण्य क्षेत्र के कई कोल ब्लॉकों को नीलामी प्रक्रिया से बाहर रखने का काम किया गया था।
बघेल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 11 दिसंबर 2025 को लिखे गए एक पत्र के बाद ही तारा कोल ब्लॉक को दोबारा नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने की कवायद आगे बढ़ी है।
आरोप-प्रत्यारोप नहीं, आमने-सामने हो चर्चा
तारा कोल ब्लॉक पर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच बघेल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े पक्के दस्तावेज मौजूद हैं और मुख्यमंत्री के पास भी वह पत्र है। उन्होंने सीएम साय को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से कुछ नहीं होगा, मुख्यमंत्री मीडिया के सामने आएं, दोनों पक्ष अपने-अपने दस्तावेज टेबल पर रखें और इस मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर खुली बहस करें, ताकि जनता के सामने सच आ सके। बता दें कि इससे पहले भी बघेल इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की मांग कर चुके हैं।
सीएम पद की दावेदारी पर क्या बोले बघेल?
कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद की रेस को लेकर भी बघेल ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। दरअसल, हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज ने बयान दिया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के लिए चार दावेदार हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने इसे सिरे से खारिज तो नहीं किया, लेकिन सधी हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी विधानसभा चुनाव बहुत दूर हैं। ऐसे में इतनी जल्दी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर चर्चा करना या कोई भी बयानबाजी करना जल्दबाजी होगी।






