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परिवहन उप-निरीक्षक भर्ती: युवाओं के लिए खुला CGPSC का रास्ता, लेकिन विभाग के कांस्टेबलों को लगा तगड़ा झटका

छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है, जबकि परिवहन विभाग के मैदानी कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। राज्य के परिवहन विभाग ने ‘परिवहन उप-निरीक्षक’ (Transport Sub Inspector – TSI) के पदों पर भर्ती के लिए दशकों से चले आ रहे नियमों में आमूलचूल बदलाव कर दिया है। नई व्यवस्था को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।

अब 50-35-15 के फॉर्मूले से होगी भर्ती

इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा बदलाव भर्ती के कोटे को लेकर हुआ है। विभाग में TSI के कुल 74 पद स्वीकृत हैं। अब इन पदों को किसी एक ढर्रे से भरने के बजाय तीन अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया है। नए नियमों के मुताबिक, 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी, 35 प्रतिशत पद विभागीय प्रमोशन से भरे जाएंगे और बाकी बचे 15 प्रतिशत पदों के लिए सीमित विभागीय परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

CGPSC से होगी 50 प्रतिशत सीधी भर्ती

सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह सबसे बड़ा मौका है। जो 50 प्रतिशत पद (करीब 37 पद) सीधी भर्ती के दायरे में रखे गए हैं, उनकी पूरी जिम्मेदारी अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) को सौंप दी गई है। यानी अब राज्य के युवा पीएससी की पारदर्शी प्रक्रिया से गुजरकर सीधे परिवहन उप-निरीक्षक की वर्दी पहन सकेंगे।

कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल हुए रेस से बाहर

इस नई व्यवस्था ने विभाग के भीतर काम कर रहे मैदानी अमले की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, 15 प्रतिशत कोटे के तहत होने वाली ‘सीमित प्रतियोगिता परीक्षा’ से कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल वर्ग को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। पुरानी व्यवस्था में ये कर्मचारी भी विभागीय परीक्षा देकर सब-इंस्पेक्टर बन सकते थे, लेकिन अब उनके लिए यह दरवाजा बंद कर दिया गया है।

अब सिर्फ बाबुओं को मिलेगा विभागीय परीक्षा का मौका

नए नियमों में स्पष्ट कर दिया गया है कि 15 प्रतिशत कोटे (करीब 11 पद) वाली विभागीय परीक्षा का लाभ सिर्फ परिवहन विभाग के लिपिक वर्गीय (Clerical) कर्मचारियों को ही मिलेगा। सीधे शब्दों में कहें तो अब विभागीय परीक्षा के जरिए केवल बाबू ही TSI बन सकेंगे।

हालांकि, लिपिकों के लिए भी सब-इंस्पेक्टर की कुर्सी तक पहुंचना इतना आसान नहीं होगा। ‘छत्तीसगढ़ तृतीय श्रेणी परिवहन सेवा भर्ती नियम-2013’ के तहत, किसी भी लिपिक को इस परीक्षा में बैठने के लिए अपनी परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी। इसके साथ ही, उसके पास कम से कम 10 साल की नियमित सेवा (स्थायी या स्थानापन्न हैसियत में) का अनुभव होना अनिवार्य कर दिया गया है।

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