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अंबिकापुर में देर रात घर में घुसकर कांग्रेस नेता और पत्नी की बेरहमी से पिटाई, इलाके में भारी आक्रोश

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर से एक बड़ी राजनीतिक और आपराधिक घटना सामने आई है। अंबिकापुर के दर्रेपारा इलाके में शनिवार देर रात कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू के घर पर 15 से 20 अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की और कांग्रेस नेता तथा उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित कांग्रेस नेता ने सीधे तौर पर एक स्थानीय भाजपा नेता पर राजनीतिक रंजिश के तहत यह हमला करवाने का गंभीर आरोप लगाया है।

दर्रेपारा में आधी रात को हुआ खूनी खेल

मिली जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की है। जब पूरा परिवार सो रहा था, तभी अचानक तीन-चार गाड़ियों में सवार होकर आए बदमाशों ने घर का दरवाजा तोड़ दिया। बदमाशों के हाथों में लाठियां, लोहे की रॉड और धारदार हथियार थे। घर में घुसते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और गुरप्रीत सिंह पर टूट पड़े। जब उनकी पत्नी उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव करने आईं, तो बदमाशों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के पड़ोसी जागते, तब तक सभी आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

राजनीतिक रंजिश या कुछ और? पुलिस जांच में जुटी

अस्पताल के बिस्तर से पीड़ित कांग्रेस नेता ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के नेताओं के इशारे पर ही उन्हें जान से मारने की नीयत से यह हमला किया गया है। दूसरी तरफ, घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अस्पताल और थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

इलाके में तनाव, पुलिस कर रही है सीसीटीवी खंगालने का काम

अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, जानलेवा हमला करने और बलवा करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीमें गठित की गई हैं जो इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि हमलावरों की गाड़ियों के नंबर और पहचान जुटाई जा सके। शहर में किसी भी संभावित राजनीतिक टकराव को रोकने के लिए दर्रेपारा और अस्पताल परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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