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RPF News: SECR जोन में SIB की ‘सीक्रेट स्ट्राइक’; सादे कपड़ों में ट्रेनों में हो रही निगरानी, अवैध वेंडरों से लेकर RPF प्रभारियों तक हड़कंप

RPF News: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन में अवैध वेंडिंग (Illegal Vending) के खिलाफ रेलवे के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपना लिया है। इन दिनों स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) की अचानक बढ़ी सक्रियता ने पूरे जोन के RPF (रेलवे सुरक्षा बल) पोस्ट प्रभारियों की नींद उड़ा रखी है।

लंबे समय से ट्रेनों और स्टेशनों पर धड़ल्ले से फल-फूल रहे अवैध वेंडिंग के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए उच्च अधिकारियों ने अब सीधे SIB को मैदान में उतार दिया है। इस कार्रवाई के चौंकाने वाले परिणाम सामने आ रहे हैं, लेकिन इसने RPF की क्राइम ब्रांच (CIB) और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

खबर की मुख्य बातें (RPF News)

  • SIB का एक्शन: SECR जोन में अवैध वेंडरों के खिलाफ SIB ने शुरू किया गुप्त अभियान।
  • सादे कपड़ों में निगरानी: अधिकारी आम यात्रियों की तरह ट्रेनों में सफर कर जुटा रहे सबूत।
  • तुरंत कार्रवाई: कंट्रोल रूम के जरिए पोस्ट प्रभारियों को भेजे जा रहे फोटो और वीडियो, वसूला जा रहा जुर्माना।
  • CIB पर सवाल: क्या विभाग का अपनी ही क्राइम ब्रांच (CIB) और स्थानीय RPF पर से भरोसा उठ गया है?

कैसे काम कर रही है SIB की टीम? (Undercover Operation)

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईबी (SIB) का स्टाफ इन दिनों सादे कपड़ों में आम यात्रियों के बीच ट्रेनों के अंदर छिपकर निगरानी कर रहा है।

  • सबूत जुटाना: यात्रा के दौरान अवैध रूप से खाने-पीने या अन्य सामान बेचने वाले वेंडरों की तस्वीरें और वीडियो चुपचाप अपने मोबाइल कैमरों में कैद किए जा रहे हैं।
  • कंट्रोल रूम को सूचना: यह गोपनीय जानकारी और तस्वीरें बिना किसी देरी के तुरंत आरपीएफ कंट्रोल रूम के जरिए संबंधित पोस्ट प्रभारी (Post In-charge) को भेजी जा रही हैं।
  • थाने में हो रही पेशी: सबूत सामने आने के बाद पोस्ट प्रभारी या उनका अमला हरकत में आता है। सीधे वेंडर से संपर्क कर उसे थाने तलब किया जाता है, जहां वेंडरों से 2-2 हजार रुपए तक का जुर्माना वसूला जा रहा है।

विभाग और स्थानीय RPF के सामने खड़े होते गंभीर सवाल

SIB के इस मैदानी एक्शन ने विभागीय स्तर पर कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी चर्चा अब जोरों पर है:

  1. भरोसे का संकट: क्या स्थानीय आरपीएफ पोस्ट पर पदस्थ अमले, जिम्मेदारों और RPF की ही क्राइम ब्रांच (CIB) की कार्यकुशलता या ईमानदारी पर उच्च अधिकारियों का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है? क्या इसीलिए SIB जैसी विशेष शाखा को यह मैदानी काम सौंपना पड़ा?
  2. स्थानीय मिलीभगत की आशंका: क्या अब तक संबंधित थाना क्षेत्रों और ट्रेनों में बेखौफ चल रही अवैध वेंडिंग स्थानीय RPF पोस्ट की मिलीभगत या मूक सहमति से चल रही थी?
  3. लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज?: जिन थाना क्षेत्रों और पोस्ट के अंतर्गत यह अवैध कारोबार लंबे समय से पनप रहा था, क्या अब वेंडरों के साथ-साथ उन लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी विभाग कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा?

फिलहाल, SIB की इस गुप्त ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से जोन के तमाम RPF थानों और पोस्टों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, अवैध वेंडरों और उन्हें पर्दे के पीछे से संरक्षण देने वालों की सांसें अटकी हुई हैं।

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