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CJP Protest Jantar Mantar: NEET पेपर लीक पर सरकार को अल्टीमेटम; आशुतोष रांका बोले- 20 जुलाई का मार्च सिर्फ 1 ट्रेलर था

CJP Protest Jantar Mantar: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।(CJP Protest Jantar Mantar) इस बीच, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को बताया कि सरकार ने बातचीत के लिए संपर्क करने की कोशिश की है और वे भी बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत जंतर-मंतर पर हो या कोई न्यूट्रल प्लेस डिसाइड हो, इस बार समय व्यर्थ नहीं होगा।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • सरकार से बातचीत: CJP ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकारा, लेकिन समय बर्बाद न करने की शर्त रखी।
  • सिर्फ 4 नारों की अनुमति: प्रदर्शनकारियों को केवल 4 नारे (भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, जय भीम, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो) लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • 20 जुलाई सिर्फ 1 ट्रेलर: आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन 1 ट्रेलर था, मांगें नहीं मानी तो लाखों युवा दिल्ली आएंगे।
  • FIR रद्द करने की मांग: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज नई या भविष्य की FIR रद्द करने की शर्त पर ही आंदोलन खत्म होगा।

“हम 1 भी नकारात्मक नारा बर्दाश्त नहीं करेंगे”

जंतर-मंतर पर CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, जय भीम और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, बस इन्हीं 4 नारों तक सीमित रहें। वे 1 नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए हम कोई भी नकारात्मक नारा बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

20 जुलाई का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था: रांका

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए रांका ने केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगें जल्द नहीं मानीं, तो देश का युवा सरकार को करारा जवाब देगा। उन्होंने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन को महज 1 ‘ट्रेलर’ करार दिया।

आशुतोष रांका ने इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन बताते हुए कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो इस बार लाखों और लोग दिल्ली का रुख करेंगे और शांत नहीं बैठेंगे। पुलिस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 20 जुलाई का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था और पुलिस द्वारा छात्रों पर बल प्रयोग किए जाने के बाद ही अफरा-तफरी का माहौल बना। रांका ने कहा, “युवा पिछले 31 दिनों से महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से बैठे हैं।”

UAPA या NSA से नहीं डरता हमारा नेतृत्व

रांका ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई नई या भविष्य की FIR दर्ज न करने का आश्वासन नहीं मिलता, यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनका नेतृत्व UAPA या NSA जैसी धाराओं के तहत गिरफ्तारी से नहीं डरता और हक की लड़ाई के लिए जेल जाना उनके लिए छोटी बात है।

उन्होंने बीजेपी सहित सभी राजनीतिक दलों से इस आंदोलन के समर्थन में आगे आने की अपील की और कहा कि यह मांग पूरे देश के युवाओं से जुड़ी है।

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