Bijapur Naxal Operation: बीजापुर के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, नक्सलियों के 8 डंप से भारी विस्फोटक और IED का जखीरा बरामद

CG News (Bijapur): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यहाँ सुरक्षाबलों ने घने जंगलों में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान (Bijapur Naxal Operation) में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने बीजापुर के एंड्री गांव के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाए गए 8 बड़े डंप बरामद किए हैं। इन डंप से भारी मात्रा में विस्फोटक, IED बनाने का सामान और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां जब्त की गई हैं, जिससे माओवादियों के बड़े हमले की साजिश नाकाम हो गई है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- बड़ा ऑपरेशन: बीजापुर के एंड्री जंगल में जवानों ने नक्सलियों के 8 डंप पकड़े।
- संयुक्त कार्रवाई: इस ऑपरेशन में CRPF की 199वीं बटालियन, 202 कोबरा और जिला पुलिस शामिल रही।
- क्या-क्या मिला: IED सामग्री, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, रेडियो सेट और मेडिकल सामान सहित 69 चीजें जब्त।
- बड़ी साजिश नाकाम: ये विस्फोटक भविष्य में सुरक्षाबलों पर बड़े हमले करने के लिए छिपाए गए थे।
कैसे चला यह पूरा Bijapur Naxal Operation?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना (Intelligence) मिली थी। इसी आसूचना के आधार पर सीआरपीएफ (CRPF), कोबरा बटालियन और जिला पुलिस बल की एक संयुक्त टीम एंड्री गांव के जंगलों की ओर सर्चिंग के लिए रवाना की गई थी।
जंगल में सघन तलाशी के दौरान जवानों की नजर जमीन के नीचे छिपाए गए डंप पर पड़ी। जब खुदाई की गई तो वहां से एक के बाद एक कुल 8 नक्सली डंप बरामद हुए।
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भारी मात्रा में विस्फोटक और 69 प्रकार की सामग्री जब्त
सुरक्षाबलों ने जब इन डंप को खोला तो अंदर से भारी मात्रा में तबाही का सामान निकला। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी में IED बनाने की सामग्री, खतरनाक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर और कई अन्य विस्फोटक बरामद हुए हैं।
इसके अलावा, नक्सलियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियो सेट, मेडिकल सामग्री (दवाइयां), इलेक्ट्रिक उपकरण और अन्य दैनिक उपयोग के सामान सहित कुल 69 प्रकार की सामग्री जब्त की गई है। माना जा रहा है कि बारिश के मौसम में किसी बड़े हमले को अंजाम देने के लिए माओवादियों ने यह जखीरा इकट्ठा किया था।
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खौफ के साये से बाहर आ रहे ग्रामीण
कभी बीजापुर का एंड्री और उसके आसपास का इलाका नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था। लेकिन सुरक्षाबलों के लगातार चल रहे अभियानों के कारण अब यहां नक्सली गतिविधियों में काफी कमी आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सफल ऑपरेशन्स से ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। सुरक्षाबलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खुफिया तंत्र पर आधारित यह Bijapur Naxal Operation आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। उनका मुख्य लक्ष्य पूरे क्षेत्र को नक्सलमुक्त बनाकर विकास के रास्ते को पूरी तरह से सुरक्षित करना है।






