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TRAI New Mobile Recharge Rules: सस्ते होंगे बिना डेटा वाले रिचार्ज प्लान; अब कॉल-SMS के लिए नहीं देना होगा डेटा का पैसा, ट्राई का नया प्रस्ताव

TRAI New Mobile Recharge Rules: अगर आप अपने फोन में इंटरनेट (डेटा) का इस्तेमाल नहीं करते, फिर भी आपको मजबूरी में महंगे डेटा पैक वाले रिचार्ज प्लान लेने पड़ते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। बिना डेटा वाले मोबाइल रीचार्ज प्लान जल्द ही सस्ते होने वाले हैं।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI New Mobile Recharge Rules) इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ट्राई ने ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया मसौदा (Draft) जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य सीधा और साफ है- ‘डेटा नहीं चाहिए, तो उसका पैसा क्यों दें?’ इस प्रस्ताव पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • सस्ते प्लान: सिर्फ कॉल और SMS वाले प्लान्स की कीमतें आधी से भी कम हो सकती हैं।
  • ट्राई का प्रस्ताव: कंपनियों को हर डेटा प्लान (जैसे 28 या 84 दिन) के बराबर का ‘नो डेटा प्लान’ भी देना होगा।
  • किसे होगा फायदा: बुजुर्गों, फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों और सेकेंडरी (दूसरी) सिम रखने वालों को।
  • स्पैम कॉल अलर्ट: बैंक और सरकारी कामों के लिए 1600 और विज्ञापनों के लिए 140 सीरीज नंबर तय किए गए हैं।

क्या है ट्राई का नया प्रस्ताव?

मौजूदा समय में टेलीकॉम कंपनियां सीमित समय के लिए ही ‘केवल कॉल-एसएमएस’ (Only Call & SMS) पैक देती हैं। इसके चलते ग्राहकों को मजबूरी में डेटा वाला महंगा प्लान लेना पड़ता है।

अब ट्राई ने प्रस्ताव दिया है कि कंपनियां जितने दिनों की वैलिडिटी (जैसे 7, 28, 56 या 84 दिन) वाले डेटा प्लान लाती हैं, उन्हें ठीक उतनी ही वैलिडिटी वाले ‘केवल कॉल व एसएमएस’ प्लान भी मार्केट में उतारने होंगे। इससे ग्राहकों को सस्ते और सही रिचार्ज ऑप्शन मिल सकेंगे।

कितने सस्ते होंगे रिचार्ज? (50-70% की बचत)

आमतौर पर किसी भी मोबाइल प्लान की लागत में 50-70% खर्च सिर्फ इंटरनेट डेटा का होता है। इसलिए, जब नया नियम लागू होगा, तो सिर्फ कॉल-एसएमएस वाले प्लान की कीमत आधी से भी कम हो सकती है। उदाहरण के लिए: जो प्लान आज डेटा के साथ 300 रुपए का मिलता है, वह बिना डेटा के सिर्फ 100 से 150 रुपए में मिल सकेगा।

इस फैसले से किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?

  1. बुजुर्ग और ग्रामीण लोग: जो इंटरनेट नहीं चलाते, सिर्फ फोन पर बात करते हैं।
  2. सेकेंडरी सिम: वे लोग जो अपनी दूसरी (सेकेंडरी) सिम सिर्फ कॉलिंग या इनकमिंग के लिए रखते हैं।
  3. वाईफाई यूजर्स: जिनके घरों या दफ्तरों में 24 घंटे वाईफाई (WiFi) रहता है और उन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं पड़ती।

सरकार को क्यों देना पड़ा दखल?

इस नए ड्राफ्ट से यह साफ हो गया है कि टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को सही रिचार्ज ऑप्शन नहीं दे रही थीं। वे ग्राहकों को लंबी वैलिडिटी और महंगे डेटा प्लान खरीदने के लिए मजबूर कर रही थीं।

बुजुर्गों और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले इस बेवजह के आर्थिक बोझ को खत्म करने के लिए सरकार और रेगुलेटर (TRAI) को दखल देना पड़ा। नियम बनने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को इसे लागू करने का समय दिया जाएगा। ट्राई इस नियम के लागू होने के 6 महीने बाद कंपनियों के कामकाज की समीक्षा (Review) भी करेगी।

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