Chhattisgarh News

Bastar Development Vision: अमित शाह की अध्यक्षता में बस्तर से तैयार हुआ 4 राज्यों का सुरक्षा फॉर्मूला, मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक

बस्तर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar) में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की ऐतिहासिक बैठक का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में चार राज्यों की सुरक्षा, क्राइम कंट्रोल, महिला सुरक्षा और नक्सल उन्मूलन (Anti-Naxal Operations) को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि बस्तर अब केवल संघर्ष का क्षेत्र नहीं, बल्कि विकास और प्रशासनिक गतिविधियों का नया केंद्र बन रहा है।

4 राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया और आपसी समन्वय पर चर्चा की:

  • विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
  • योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
  • मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
  • पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)

इंटर-स्टेट तालमेल और अपराध नियंत्रण पर जोर

बैठक में राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:

  • खुफिया जानकारी साझा करना: सीमावर्ती जिलों में अपराध और नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए चारों राज्यों के बीच खुफिया जानकारी (Intelligence Sharing) साझा करने पर सहमति बनी है।
  • महिला सुरक्षा: महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों पर त्वरित और कड़े फैसले लेने की कार्ययोजना बनाई गई है।
  • हाईटेक पुलिसिंग: अंतरराज्यीय विवादों का तेजी से समाधान करने और हाईटेक गवर्नेंस के साथ बेहतर पुलिसिंग प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया है।

बस्तर के विकास का नया मॉडल

गृह मंत्री अमित शाह और चारों मुख्यमंत्रियों ने ‘बस्तर डेवलपमेंट विजन’ (Bastar Development Vision) पर विशेष फोकस किया।

  • नक्सल प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, रेल और टेलीकॉम कनेक्टिविटी (Telecom Connectivity) को तेजी से बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
  • कुपोषण से निपटने और आदिवासी इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जनकल्याण की योजनाओं को जमीन पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार इस बैठक के जरिए यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि दशकों तक लाल आतंक का दंश झेलने वाला बस्तर अब पर्यटन, निवेश और विकास के एक नए मॉडल के रूप में देश के सामने उभरेगा।

Related Articles

Back to top button