Bastar 2.0 Jan Suvidha Kendra: ‘बस्तर 2.0’ की शुरुआत: अमित शाह का बड़ा ऐलान, बस्तर के 70 सुरक्षा कैंप बनेंगे ‘जन सुविधा केंद्र’

रायपुर। दशकों से लाल आतंक का दंश झेल रहे बस्तर (Bastar) में अब विकास का एक नया सवेरा होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को बस्तर में शांति और विकास के नए रोडमैप ‘बस्तर 2.0’ (Bastar 2.0) का शंखनाद कर दिया है। गृह मंत्री ने ऐलान किया है कि नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही अब सुरक्षाबलों के कैंपों का इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए किया जाएगा।
सुरक्षा कैंप अब बनेंगे जन सुविधा केंद्र
अमित शाह ने बस्तर में सुरक्षा कैंप को जन सुविधा केंद्र (Jan Suvidha Kendra) में बदलने की योजना का उद्घाटन किया।
- डेढ़ साल का लक्ष्य: गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थित कुल 196 सुरक्षाबलों के कैंपों में से 70 कैंपों को अगले डेढ़ साल के भीतर जन सेवा केंद्रों में बदल दिया जाएगा।
- सरकार पहुंचेगी दरवाजे तक: अमित शाह ने स्थानीय आदिवासियों से वादा किया, “अगले डेढ़ साल के भीतर हम रायपुर में बैठी राज्य सरकार को सीधे आपके दरवाजे तक ले आएंगे।”
- NID तैयार कर रहा मॉडल: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) को इन जन सेवा कैंपों के लिए एक आधुनिक और सुलभ मॉडल तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन केंद्रों पर मिलेंगी क्या-क्या सुविधाएं?
अधिकारियों के मुताबिक, ये जन सुविधा केंद्र एक ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ की तरह काम करेंगे, जिससे उन सुदूर गांवों को फायदा होगा जहां के लोगों को छोटे-छोटे सरकारी कामों के लिए मीलों दूर जाना पड़ता था। यहां निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- आधार कार्ड अपडेट (Aadhaar Update)
- बैंकिंग सुविधाएं और एटीएम
- आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के आवेदन
- राशन कार्ड और आयुष्मान भारत कार्ड सेवाएं
- ई-श्रम पंजीकरण और बिजली बिल भुगतान
- रेल और बस टिकट बुकिंग
इन सबके अलावा, ये केंद्र स्वयं सहायता समूहों की मदद से स्थानीय युवाओं और आदिवासियों को डेयरी और सहकारी समिति (Cooperative Society) मॉडल से जोड़कर स्वरोजगार (Self-employment) के लिए कौशल भी सिखाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमित शाह की इस पहल से बस्तर में चार दशकों से चले आ रहे नक्सलवाद का अंत होगा और विकास की नई लहर दौड़ेगी।



