DGML Bhalukona Project: छत्तीसगढ़ में मिला खजाने का भंडार, शेयर 13 प्रतिशत उछले

डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड यानी डीजीएमएल ने राज्य में एक बेहद अहम और कीमती खोज का ऐलान किया है। DGML Bhalukona Project में निकेल और कॉपर जैसी बहुमूल्य धातुओं के विशाल भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। परिणामस्वरूप इस खबर के बाहर आते ही कंपनी के शेयरों में 13 प्रतिशत से ज्यादा का जोरदार उछाल दर्ज किया गया और शेयर 136.30 रुपये के 52 हफ्ते के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
DGML Bhalukona Project की शुरुआती खोज में शानदार नतीजे
महासमुंद जिले के भालूकोना में चल रहे इस प्रोजेक्ट के शुरुआती नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं। इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां निकेल कॉपर और पैलेडियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स का 1 विशाल इंट्रूसिव कॉम्प्लेक्स पाया गया है। पहले ड्रिल होल में लगभग 30 मीटर की गहराई तक 0.4 प्रतिशत निकेल इक्विवेलेंट का मिनरलाइजेशन मिला है। हालांकि सबसे बेहतरीन सेक्शन में 103.4 मीटर से लेकर 2.6 मीटर की गहराई तक 1.01 प्रतिशत निकेल 0.29 प्रतिशत कॉपर और 0.2 ग्राम प्रति टन पैलेडियम प्राप्त हुआ है।
- अब तक 7 अलग-अलग होल में 1200 मीटर की कोर ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है।
- यह विशेष ड्रिलिंग 1.3 किलोमीटर लंबे संभावित स्ट्राइक जोन पर की गई है।
- इस विशाल खोज के बाद कंपनी का मार्केट कैप 2400 से 2600 करोड़ रुपये के बीच पहुंच गया है।
- भालूकोना को भारत की पहली निकेल कॉपर माइन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की माइनिंग चुनौतियां
जहां एक तरफ इस खोज ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है वहीं कंपनी की वर्तमान वित्तीय स्थिति एक अलग ही कहानी बयां करती है। दरअसल डीजीएमएल का प्राइस टू अर्निंग रेश्यो फिलहाल माइनस 40.91 से लेकर माइनस 68.93 के बीच है जो पूरी तरह से नकारात्मक है। इसके अलावा कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी माइनस 14.1 प्रतिशत और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड माइनस 13.1 प्रतिशत है। हालांकि इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी अभी मुनाफे में नहीं चल रही है जबकि एनएमडीसी जैसी स्थापित कंपनियों का पीई रेश्यो 10.5 और हिंडाल्को का पीई रेश्यो 14.5 से 15.3 के करीब है।



