77 Trains Cancelled Chhattisgarh: समर सीजन में यात्रियों को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 77 ट्रेनें रद्द

गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। रेलवे ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम के चलते एक बड़ा ट्रैफिक ब्लॉक लिया है, जिसका सीधा असर छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के विस्तार के कारण 7 जून से 19 जून 2026 तक कुल 77 ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।
इस फैसले से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेनों के रद्द और डायवर्ट होने का मुख्य कारण
बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम काफी तेजी से चल रहा है।
- चांपा स्टेशन की कनेक्टिविटी: इसी प्रोजेक्ट के तहत चांपा स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने के लिए 7 से 19 जून तक अलग-अलग दिनों में तकनीकी और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा।
- व्यस्त रेल मार्ग: रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह रूट उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। सुरक्षा और तकनीकी कार्यों के लिए इस दौरान ट्रैफिक ब्लॉक लेना अनिवार्य है।
77 ट्रेनों पर पड़ेगा असर, देखें आंकड़े:
इस मेगा ब्लॉक के कारण ट्रेनों के संचालन में बड़े बदलाव किए गए हैं:
- रद्द ट्रेनें: 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनों (कुल 77 ट्रेनें) को अलग-अलग तारीखों पर पूरी तरह से रद्द किया गया है।
- रूट डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन): 8 लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इनमें दुरंतो एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसएमटी (CSMT) एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-एलटीटी (LTT) एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं।
- शॉर्ट टर्मिनेशन: 6 ट्रेनें अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में समाप्त कर दी जाएंगी।
- देरी से चलने वाली ट्रेनें: 5 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 1 से 3 घंटे तक की देरी से चलेंगी।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
यात्रियों की परेशानियों को कुछ हद तक कम करने के लिए रेलवे ने एक अहम फैसला लिया है। ब्लॉक के दौरान हसदेव एक्सप्रेस को बिलासपुर और कोरबा के बीच एक पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा। इससे रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर के बीच सफर करने वाले स्थानीय यात्रियों को थोड़ी राहत मिलेगी।
भविष्य में मिलेगी ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का हिस्सा है।
- अब तक 180 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
- इस काम के पूरी तरह संपन्न होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड (गति) और संख्या दोनों में जबरदस्त सुधार होगा, जिससे भविष्य में लेट-लतीफी की समस्या खत्म हो जाएगी।
यात्रियों से अपील: रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ‘NTES’ ऐप या रेलवे पूछताछ केंद्र से अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस (स्थिति) जरूर चेक कर लें।



