Bilaspur Fuel Crisis: बिलासपुर में फ्यूल का भारी संकट! 8 पेट्रोल पंप हुए ‘ड्राई’, घबराहट में लोग कर रहे फुल टैंक

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) शहर में इन दिनों वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में अचानक फ्यूल संकट (Fuel Crisis) गहरा गया है, जिसके चलते कई पेट्रोल पंप आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं। पेट्रोल-डीजल न मिलने की वजह से लोगों में पैनिक का माहौल बन गया है और जो पंप खुले हैं, वहां लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
8 पेट्रोल पंप हुए पूरी तरह ‘ड्राई’
ताजा स्थिति यह है कि शहर के कम से कम 8 पेट्रोल पंप पूरी तरह से ड्राई हो चुके हैं।
- वहां “नो स्टॉक” या “पेट्रोल-डीजल समाप्त” के बोर्ड लगा दिए गए हैं।
- अचानक सप्लाई प्रभावित होने और स्टॉक खत्म होने से शहर के ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के काम पर बुरा असर पड़ रहा है।
- काम पर जाने वाले आम नागरिकों से लेकर ऑटो और मालवाहक चालकों को फ्यूल भरवाने के लिए शहर भर में भटकना पड़ रहा है।
पैनिक बाइंग (Panic Buying) ने बढ़ाई समस्या
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस संकट के पीछे एक बड़ा कारण लोगों की ‘घबराहट’ भी है।
- अफवाहों और वैश्विक संकट की खबरों के बीच लोग जरूरत से ज्यादा फ्यूल खरीद रहे हैं।
- जिन लोगों को 2 या 3 लीटर की आवश्यकता है, वे भी अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं।
- इस ‘पैनिक बाइंग’ की वजह से पेट्रोल पंपों का रिज़र्व स्टॉक समय से पहले ही खत्म हो गया है और सप्लाई चेन पर भारी दबाव बन गया है।
प्रशासन की अपील: “स्टॉक पर्याप्त है, पैनिक न करें”
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मोर्चा संभाला है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कोई भारी कमी नहीं है और पीछे से सप्लाई सुचारू है। अधिकारी लगातार ऑयल कंपनियों के संपर्क में हैं ताकि ड्राई हुए पंपों पर जल्द से जल्द टैंकर पहुंचाए जा सकें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे संयम बरतें, अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही फ्यूल की खरीदारी करें।



