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Bengal Election Phase 1: 42 डिग्री की लू और बारिश के अलर्ट के बीच बंपर वोटिंग; दांव पर BJP-TMC की साख

Bengal Election Phase 1:पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल 2026 को लोकतंत्र के पर्व का पहला चरण भारी मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच जारी है। राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर सुबह से ही मतदान हो रहा है। एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ सियासी पारा भी अपने चरम पर है। भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ (लू) के अलर्ट के बावजूद बंगाल के मतदाताओं का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पोलिंग बूथों पर मतदाताओं, विशेषकर खास समुदायों की लंबी कतारें राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा रही हैं।

मौसम का मिजाज: सुबह झुलसाती लू, दोपहर में बारिश के आसार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि राज्य के कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा।

  • दक्षिण बंगाल के तीन प्रमुख जिलों विशेषकर पुरुलिया, बांकुड़ा और पश्चिमी मेदिनीपुर में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है।
  • गर्मी के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना मतदान जल्द से जल्द कर लें, विशेषकर सुबह 11 बजे से पहले, क्योंकि इसके बाद धूप अपने चरम पर होगी।
  • हालांकि, मौसम विभाग ने एक दिलचस्प पूर्वानुमान जताते हुए कहा है कि वोटिंग की दोपहर के बाद कई जिलों में अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
  • उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्र (दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार) में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और आंधी आने की संभावना जताई गई है।

दांव पर साख और मतदाताओं का भारी उत्साह

प्रतिकूल मौसम के बावजूद, सुबह 7 बजे से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। शुरुआती रुझानों और चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतदान प्रतिशत काफी उत्साहजनक है।

यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों के लिए नाक का सवाल है। बीजेपी यह साबित करना चाहती है कि बंगाल में उसका उभार कोई संयोग नहीं था, बल्कि वह राज्य की सत्ता में एक स्थायी और मजबूत दावेदार है। वहीं टीएमसी अपने गढ़ को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है।

इस भीषण गर्मी में एक राजनीतिक रुझान जो सबसे ज्यादा ध्यान खींच रहा है, वह है अल्पसंख्यक और सीएए-एनआरसी (CAA-NRC) से प्रभावित माने जाने वाले सीमांत मतदाताओं का भारी तादाद में घरों से बाहर निकलना।

इस समुदाय को लगता है कि उनका एक-एक वोट उनके भविष्य और सुरक्षा की गारंटी तय करेगा। इसके अलावा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी भी गर्मी को मात देते हुए बूथों पर पहुंच रहे हैं।

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