AMCA Project: अमेरिका के F-35 को टक्कर देगा भारत का 5th Gen फाइटर जेट, कीमत होगी सबसे कम

AMCA Project India:भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने और रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत‘ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। भारत अब उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान यानी एएमसीए (AMCA) प्रोजेक्ट के तहत अपनी 5वीं पीढ़ी (5th Generation) का फाइटर जेट विकसित कर रहा है। सबसे खास बात यह है कि भारत का यह स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट अमेरिका के F-35 और दुनिया के अन्य 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तुलना में काफी सस्ता होगा, लेकिन तकनीक और ताकत में यह किसी से कम नहीं होगा।
कम लागत और ‘डिसिप्लिन स्केलिंग’ की रणनीति
पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका का F-35 फाइटर जेट दुनिया के सबसे उन्नत लेकिन सबसे महंगे लड़ाकू विमानों में से एक है। F-35 की कीमत लगभग 700 करोड़ रुपये (8 करोड़ डॉलर) से अधिक है, और इसके रखरखाव का खर्च भी बेहद ज्यादा है।
- रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपने तेजस प्रोजेक्ट से मिली सीख का इस्तेमाल कर रहा है और कम खर्च में बेहतर तकनीक विकसित कर रहा है।
- भारत ‘डिसिप्लिन स्केलिंग’ (अनुशासित स्केलिंग) रणनीति पर काम कर रहा है।
- पश्चिमी देशों में लेबर और इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत बहुत अधिक होती है, जबकि भारत अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल करते हुए AMCA की लागत को F-35 के मुकाबले आधा या उससे भी कम रखने में सफल हो सकता है।
- सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने इस स्वदेशी फाइटर जेट के डिजाइन और विकास के लिए 15000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
2028 तक प्रोटोटाइप और 2035 तक प्रोडक्शन का लक्ष्य
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के नेतृत्व में इस अत्याधुनिक ट्विन-इंजन (दो इंजन) स्टेल्थ फाइटर का डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
- भारत के इस 25 टन वजनी 5th जनरेशन फाइटर जेट का पहला प्रोटोटाइप 2028-29 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
- इसके बाद इसके उड़ान परीक्षण होंगे और सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो 2035 तक इसका सीरीज प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।
- शुरुआत में भारतीय वायुसेना इसके 120 से ज्यादा जेट्स (लगभग 7 स्क्वाड्रन) को अपने बेड़े में शामिल कर सकती है।
AMCA में होंगी F-35 जैसी घातक खूबियां
भले ही इसकी लागत कम हो, लेकिन भारत का AMCA अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा।
यह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), लॉन्ग-रेंज टारगेटिंग, इंटरनल वेपन बे (अंदरूनी हथियार रखने की जगह) और उन्नत रडार सिस्टम से लैस होगा, जो इसे अमेरिका के F-35 और रूस के Su-57 जैसे विमानों की कतार में खड़ा करता है।
इसमें उन्नत स्टेल्थ तकनीक होगी, जिसका मतलब है कि दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाएंगे।
इस फाइटर जेट की अधिकतम गति 2633 किलोमीटर प्रति घंटा (ध्वनि की गति से दोगुनी) होगी।



