Iran War Crisis: तेल-गैस संकट से निपटने के लिए भारतीय सेना का ‘मास्टर प्लान’, बायोगैस और सोलर पर शिफ्ट होगी आर्मी

Indian Army Oil Crisis Plan:पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध और तनाव के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस का संकट गहराने लगा है। इस ग्लोबल संकट की आंच भारत तक भी पहुंच रही है। इसी को देखते हुए भारतीय सेना (Indian Army) ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने और संसाधनों को बचाने के लिए एक बहुत बड़ा और प्रभावी ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है। सेना ने अपने दैनिक कामकाज में एलपीजी (LPG) और ईंधन (Fuel) की खपत में कटौती करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
वाहन मूवमेंट और उड़ानों पर नई पाबंदी
ईंधन को बचाने के लिए भारतीय सेना अपने वाहनों और विमानों के संचालन में बड़े बदलाव कर रही है।
- सेना ने फैसला किया है कि जवानों का सामान्य मूवमेंट 400 किलोमीटर के दायरे तक ही सीमित रखा जाएगा, ताकि बेवजह का ईंधन खर्च न हो।
- सेना के पास करीब 200000 वाहन हैं, जिनमें रोज लाखों लीटर तेल खर्च होता है। अब वाहनों की पूलिंग की जाएगी और एक साथ कई काम निपटाने की योजना लागू होगी।
- अधिकारियों के मुताबिक, सेना की ऑपरेशनल क्षमता को प्रभावित किए बिना सेना से संबंधित सामान्य उड़ानों को भी सीमित किया जाएगा।
- डीजल और पेट्रोल की जगह अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) और सीएनजी (CNG) वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
कुकिंग गैस बचाने के लिए बायोगैस का सहारा
ईंधन के साथ-साथ सेना कुकिंग गैस की खपत कम करने पर भी फोकस कर रही है।
- आंकड़ों के मुताबिक, पूरी भारतीय सेना में रोज करीब 156000 किलो कुकिंग गैस (LPG) खर्च होती है।
- इस भारी खर्च को कम करने के लिए सेना ने ‘बायोगैस स्टोव्स’ (Biogas Stoves) खरीदने के ऑर्डर जारी कर दिए हैं।
- बायोगैस के इस्तेमाल से रोज खर्च होने वाली गैस में करीब 20 फीसदी की बचत की जा सकेगी। यह कदम अगले महीने से एक बड़े मिशन के रूप में शुरू हो जाएगा।
सोलर प्लांट और पवन चक्की पर फोकस
भारतीय सेना अब पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करके हरित ऊर्जा (Green Energy) की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रही है। सेना की योजना है कि देश भर में फैले उसके खाली पड़े इलाकों में अगले 5 साल के अंदर बड़ी संख्या में पवन चक्की (Windmills) और सोलर प्लांट (Solar Plants) लगाए जाएं। इससे सेना अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकेगी।
भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ ने होर्मुज को किया पार
इस बीच एक राहत की खबर भी है। भारत के ध्वज वाले एक कच्चे तेल के टैंकर ‘देश गरिमा’ ने 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित पार कर लिया है। इस जलमार्ग में भारी तनाव था और 2 अन्य जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटना पड़ा था। लेकिन 31 भारतीय नाविकों के साथ ‘देश गरिमा’ सुरक्षित निकल गया है और इसके 22 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।



