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IPL Betting Scam: महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ चलाने वाला इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी मुंबई से गिरफ्तार

आईपीएल (IPL) 2026 के रोमांच के बीच ऑनलाइन सट्टेबाजी (IPL Betting Scam) का काला कारोबार भी तेजी से पनप रहा है। लेकिन रायपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस अवैध नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के एक बड़े मास्टरमाइंड और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
महादेव सिंडिकेट की तर्ज पर बनाया ‘3 STUMPS’
दरअसल, कुख्यात महादेव सट्टा ऐप पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद सटोरियों ने नए तरीके और नए नाम खोज लिए हैं।
- जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी बिल्कुल महादेव सिंडिकेट की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ नाम की एक ऑनलाइन वेबसाइट और ऐप बनाकर आईपीएल मैचों पर बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवा रहा था।
- वह डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के जरिए इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित करता था, जिससे पुलिस के लिए उसे पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
- उसके खिलाफ 13 अप्रैल 2026 को रायपुर के गंज थाने में आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज की गई थी।
20 सटोरियों की गिरफ्तारी के बाद खुला राज
इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब कुछ दिन पहले रायपुर क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
- पुलिस ने रायपुर और अन्य स्थानों पर छापेमारी करते हुए करीब 20 छोटे-बड़े सटोरियों को गिरफ्तार किया था।
- इन सभी आरोपियों से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो सभी ने एक ही नाम उगला, और वह नाम था बाबू खेमानी।
- इसके अलावा, पुलिस को पता चला कि बाबू खेमानी का सट्टा नेटवर्क देश के कई हिस्सों में फैल चुका है और पैसों का सारा लेन-देन पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यमों से किया जा रहा था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और किराए के मकानों से चलता था नेटवर्क
हालांकि, नाम सामने आने के बाद खेमानी पुलिस से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गया था।
- पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करनी शुरू की।
- जांच में पता चला कि वह महाराष्ट्र के मुंबई और उड़ीसा के भुवनेश्वर में किराए के मकान लेकर वहां से अपना यह अवैध कारोबार बेहद सुरक्षित तरीके से संचालित कर रहा था।
- आखिरकार, रायपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने मुंबई में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
- आपको बता दें कि बाबू खेमानी पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं है। करीब 3 साल पहले भी रायपुर पुलिस ने उस पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए फाइन लगाया था।



