Uncategorized

”सुषमा”के स्नेहिल सृजन…✍️

”सुषमा”के स्नेहिल सृजन…✍️
छंद – मनहरण घनाक्षरी

💃लोहिड़ी💃
————-————————————
अन्नपूर्णा घर आई, ‘सुषमा’ समृद्धि लाई,
अनाज भंडार गृह,
देखने तो आइए।

मस्ती के चढ़े हैं रंग, अजब-गजब ढंग,
भांगड़ा गिद्धा के संग,
लोहिड़ी मनाइए।

उत्साह उल्लास हर्ष, संक्रांति पावन पर्व,
मिठाइयाँ तिल गुड,
गजक खिलाइए।

छत चढ़ खींचे डोरी, खुश सारे छोरा-छोरी,
आसमाँ उड़ान भरे,
पतंग उड़ाइए।
———————————————-
…✍️सुषमा प्रेम पटेल, रायपुर छ ग

Related Articles

Back to top button