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Gold Investment in India: सोने के गहनों का क्रेज कम! पहली बार गोल्ड बार, सिक्कों और ETF में रिकॉर्ड निवेश

Gold Investment in India:भारत में सोने को हमेशा से गहनों और परंपराओं के रूप में खरीदने का चलन रहा है, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह से बदलती नजर आ रही है। हाल ही में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) द्वारा जारी की गई ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स’ रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की मार्च तिमाही में पहली बार ऐसा हुआ है कि देश में सोने की खरीद निवेश के लिए गहनों से ज्यादा हुई है। अब भारतीय लोग सोना पहनने से ज्यादा कमाई और सुरक्षित निवेश के रूप में खरीद रहे हैं।

ज्वेलरी की मांग घटी, निवेश में जबरदस्त उछाल

WGC की रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय बाजार में सोने की मांग में संरचनात्मक बदलाव आ रहा है।

  • 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में देश में सोने की कुल मांग 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन हो गई।
  • इस दौरान सोने की निवेश डिमांड (Investment Demand) में 54 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया और यह 82 टन तक पहुंच गई।
  • इसके विपरीत, रिकॉर्ड-हाई कीमतों के कारण ज्वैलरी की मांग 19 प्रतिशत घटकर 66 टन रह गई।
  • कुल खपत में निवेश की हिस्सेदारी पहली बार ज्वेलरी की खपत को पार कर गई है।

शेयर बाजार का सुस्त प्रदर्शन और बढ़ती कीमतें बनी वजह

इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण शेयर बाजार का कमजोर प्रदर्शन और सोने की आसमान छूती कीमतें हैं।

  • निफ्टी 50 (Nifty 50) ने हालिया समय में बहुत ही कमजोर रिटर्न दिया है, जबकि सोने की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं।
  • WGC के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में घरेलू सोने की कीमत (MCX स्पॉट) 81 प्रतिशत (सालाना आधार पर) बढ़कर औसतन 1,51,108 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
  • भारी कीमतों के कारण लोगों ने गहनों पर खर्च कम कर दिया है, लेकिन रिटर्न की उम्मीद में गोल्ड बार और सिक्कों की डिमांड 34 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

ETF सेगमेंट में 186% की सालाना बढ़त

भारत में अब सिर्फ पारंपरिक निवेशक ही नहीं, बल्कि नए जमाने के निवेशक भी डिजिटल और फाइनेंशियल तरीके से सोने में पैसा लगा रहे हैं। गोल्ड ETF (Exchange-Traded Funds) में रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला है। इस सेगमेंट में 186 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज हुई और कुल निवेश 20 टन तक पहुंच गया।

WGC के इंडिया प्रमुख सचिन जैन के अनुसार, बाजार में अनिश्चितता और अन्य निवेश विकल्पों के कमजोर प्रदर्शन के कारण सोने की यह निवेश मांग आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। भारत में अब सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक रणनीतिक वित्तीय संपत्ति (Strategic Financial Asset) बन चुका है।

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