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CG GST Scam: गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी को 317 करोड़ का नोटिस; 90 दिन में नहीं चुकाए तो कुर्क होगी संपत्ति

छत्तीसगढ़ राज्य वस्तु एवं सेवा कर (State GST) विभाग ने प्रदेश के सबसे बड़े टैक्स चोरी घोटालों (CG GST Scam) में से एक पर बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने दुर्ग (Durg) के कुख्यात गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी के खिलाफ 317 करोड़ रुपए की टैक्स और पेनल्टी वसूली का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। यह पूरा मामला प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा ‘सितार’ के अवैध उत्पादन और बड़े पैमाने पर किए गए टैक्स चोरी (Tax Evasion) के नेटवर्क से जुड़ा है।

खबर की मुख्य बातें (CG GST Scam)

  • 317 करोड़ का जुर्माना: स्टेट जीएसटी विभाग ने कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ रुपए का बकाया और पेनल्टी लगाई है।
  • 90 दिनों का अल्टीमेटम: राशि जमा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है, अन्यथा 12 अचल संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
  • क्या था खेल: मीठी सुपारी (5% GST) की आड़ में तंबाकू युक्त गुटखा (28% GST + 204% सेस) बेचा जा रहा था।
  • सरकारी गवाह बने कर्मचारी: कोर्ट में मामला मजबूत करने के लिए 3 कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है।

5 साल में 25 लाख रोज का अवैध गुटखा उत्पादन

जीएसटी विभाग के विशेष जांच दल ने दस्तावेजों, बेनामी बैंक खातों और कच्चे माल का एनालिसिस कर 5 वर्षों (अप्रैल 2021 से) के अवैध कारोबार का जो आकलन किया, वह बेहद चौंकाने वाला है:

  • उत्पादन: फैक्ट्रियों में रोजाना लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का अवैध गुटखा तैयार कर बाजार में खपाया जा रहा था।
  • टैक्स में धोखाधड़ी: कागजों में कारोबारी सिर्फ मीठी सुपारी और अरेका नट (Areca Nut) की बिक्री दिखा रहा था (जिस पर केवल 5% GST लगता है)। जबकि हकीकत में तंबाकू युक्त गुटखा बनाया जा रहा था (जिस पर 28% GST और 204% तक कंपनसेशन सेस लगता है)।
  • 317 करोड़ का आंकड़ा: 5 सालों की सप्लाई चेन और उत्पादन की गणना करते हुए कुल बकाया टैक्स, ब्याज और 100% पेनल्टी मिलाकर 317 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना तय किया गया है।

लोकेशन बदल-बदल कर चल रहा था अवैध साम्राज्य

जीएसटी जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी गुरमुख जुमनानी हर कुछ महीनों में अपनी फैक्ट्रियों की लोकेशन (Location) बदल देता था। जुलाई 2025 में जब विभाग ने दुर्ग के जोरातरई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर छापा मारा, तो वहां सिर्फ पैकिंग हो रही थी। इसके बाद जब आरोपी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित फर्म ‘कोमल फूड्स’ के वेयरहाउस पर छापा मारा गया, तब जाकर कच्चे माल और अवैध उत्पादन का भंडाफोड़ हुआ।

‘सितार’ के स्वाद के लिए छिंदवाड़ा से बुलाया था ‘मास्टर शेफ’

इस संगठित नेटवर्क को चलाने के लिए खास रणनीति अपनाई गई थी:

  • छिंदवाड़ा का मास्टरमाइंड: ‘सितार’ गुटखे का खास स्वाद (Formula) तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक विशेष कर्मचारी (एक्सपर्ट) को बुलाया गया था।
  • कोर्ट में चालान पेश: जीएसटी विभाग ने आरोपी के खिलाफ सक्षम अदालत में धारा 69 और संबंधित धाराओं के तहत चालान पेश कर दिया है।
  • कर्मचारी बने सरकारी गवाह: मामले को पुख्ता करने के लिए कारोबारी के 3 मुख्य कर्मचारियों को ‘सरकारी गवाह’ (Approvers) बनाया गया है। विभाग ने इनसे सख्त शपथ पत्र (Affidavit) भी लिया है कि अगर वे कोर्ट में मुकरे (Hostile), तो उनके खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज होगा।

आगे क्या? अब अगर 90 दिनों के भीतर गुरमुख जुमनानी 317 करोड़ रुपये जमा नहीं करता है, तो विभाग द्वारा पहले से चिन्हित की गई उसकी 12 बड़ी अचल संपत्तियों की नीलामी और कुर्की (Attachment of Property) की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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