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Tiranga Yatra Chhattisgarh: कभी बंदूक थामने वाले हाथ अब उठाएंगे ‘तिरंगा’, BJP की यात्रा में शामिल होंगे 2000 से ज्यादा सरेंडर नक्सली

छत्तीसगढ़ (Tiranga Yatra Chhattisgarh) में इस बार का स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) बेहद खास और ऐतिहासिक होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में ‘तिरंगा यात्रा’ (Tiranga Yatra) को एक विशाल जन-अभियान के रूप में आयोजित करने जा रही है। इस बार की यात्रा की सबसे खास बात यह है कि 11 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में कभी हिंसा का रास्ता अपनाने वाले और अब मुख्यधारा में लौट चुके लगभग 2,000 से अधिक माओवादी (Surrendered Naxalites) भी शामिल होंगे और लोकतंत्र के प्रति अपना विश्वास जताएंगे।

खबर की मुख्य बातें (Tiranga Yatra Chhattisgarh)

  • ऐतिहासिक पहल: छत्तीसगढ़ में 11 से 15 अगस्त तक निकाली जाएगी विशाल तिरंगा यात्रा।
  • बस्तर पर फोकस: 2000 से अधिक सरेंडर कर चुके माओवादी तिरंगा यात्रा में शामिल होकर देंगे शांति का संदेश।
  • युवा मोर्चा को कमान: 450 से अधिक मंडलों और विकासखंड मुख्यालयों में BJYM के नेतृत्व में होगा आयोजन।
  • 15 अगस्त की तैयारी: बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों और चौराहों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा।

11 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी ‘तिरंगा यात्रा’

बीजेपी प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, 11 अगस्त से पूरे प्रदेशभर में तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra Chhattisgarh) की शुरुआत होगी, जिसकी कमान पार्टी के युवा मोर्चा (BJYM) को सौंपी गई है। इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त को राजधानी रायपुर से की जाएगी। इसके बाद 11 से 15 अगस्त तक प्रदेश के सभी 450 से अधिक मंडलों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखंड मुख्यालयों में भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी।

पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहराना नहीं है, बल्कि लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले इलाकों में राष्ट्रभक्ति, शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था का कड़ा संदेश पहुंचाना है।

बस्तर में सरेंडर नक्सलियों का होगा सम्मान, Tiranga Yatra Chhattisgarh

तिरंगा यात्रा को सबसे अधिक प्रभावी नक्सलवाद का गढ़ रहे बस्तर (Bastar) में बनाया जाएगा। बीजेपी का दावा है कि मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व माओवादी इस यात्रा का अहम हिस्सा बनेंगे।

  • पार्टी का मानना है कि जिन हाथों ने कभी बंदूकें थामी थीं, जब वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में लौटकर तिरंगा थामेंगे, तो यह नक्सल उन्मूलन अभियान (Anti-Naxal Operations) की सफलता का सबसे बड़ा और सकारात्मक संदेश होगा।
  • इस यात्रा के दौरान पूर्व माओवादियों को सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि जो लोग अब भी हिंसा के रास्ते पर हैं, वे मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो सकें।

15 अगस्त को बस्तर में विशेष कार्यक्रम

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर बस्तर संभाग के लिए बीजेपी ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है: Tiranga Yatra Chhattisgarh

  1. नामकरण अभियान: संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौक-चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण देश के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नाम पर किया जाएगा।
  2. शहीद परिवारों का सम्मान: नक्सल उन्मूलन अभियान में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के परिजनों को पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
  3. पहली बार फहरेगा तिरंगा: नेताओं के मुताबिक, बस्तर के कई ऐसे संवेदनशील और दुर्गम गांव हैं, जहां इतिहास में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा।
  4. बाइक रैली: अंदरूनी इलाकों तक राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाने के लिए विशाल बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी।

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