Chhattisgarh Wildlife News: कोरबा के तरदा गांव में घुसा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने रस्सी और जाल से पकड़ा

कोरबा: बारिश के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से जलीय जीवों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। (Chhattisgarh Wildlife News) शनिवार सुबह कोरबा शहर से लगे तरदा गांव में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब खेत में काम करने पहुंचे किसानों का सामना सीधे एक मगरमच्छ से हो गया। अचानक कीचड़ में बैठे मगरमच्छ को देखकर किसानों के होश उड़ गए। इसकी जानकारी तुरंत पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीणों ने दिखाई सूझबूझ, रस्सी और जाल से पकड़ा, Chhattisgarh Wildlife News
मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर मिलते ही गांव वाले इकट्ठा हो गए। उन्होंने समझदारी और साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ को खेत में ही रस्सी और जाल की मदद से सुरक्षित तरीके से बांध लिया, ताकि वह किसी को नुकसान न पहुंचा सके। इसके बाद तत्काल छत्तीसगढ़ वन विभाग को इसकी सूचना दी गई।
पकड़े गए मगरमच्छ की लंबाई करीब तीन से चार फीट बताई जा रही है। (Chhattisgarh Wildlife News) आकार छोटा होने की वजह से ग्रामीण इसे मगरमच्छ का बच्चा मान रहे हैं। सुरक्षित तरीके से बंधे होने के बावजूद इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम जुटा रहा।
ज़रूरी बात…Chhattisgarh Wildlife News
- कोरबा के तरदा गांव के खेत में 3 से 4 फीट का मगरमच्छ मिला है।
- ग्रामीणों ने सूझबूझ से मगरमच्छ को जाल और रस्सी से बांधकर सुरक्षित किया।
- वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मगरमच्छ को कब्जे में लेकर कोटमी सोनार भेजने की तैयारी की है।
- लगातार बारिश से हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ के बहकर आने की आशंका है।
- वन विभाग ने नदी-नालों के पास न जाने और अन्य मगरमच्छों की अफवाहों पर सतर्क रहने की अपील की है।
हसदेव नदी से बहकर खेत में पहुंचने की आशंका
तरदा गांव सीधे हसदेव नदी के किनारे बसा हुआ है। (Chhattisgarh Wildlife News) इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण नदी उफान पर है। वन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की स्थिति निर्मित होने के कारण यह मगरमच्छ नदी से बहकर खेतों के कीचड़ तक पहुंच गया होगा।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में ले लिया। करतला रेंजर अक्ष ऋषि ने जानकारी दी कि मौके पर पंचनामा तैयार कर लिया गया है। अब उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से जांजगीर-चांपा जिले के कोटमी सोनार क्रोकोडाइल पार्क भेजा जाएगा।
वन विभाग का अलर्ट और दो अन्य मगरमच्छों की चर्चा
गांव में यह चर्चा भी जोरों पर है कि इलाके में दो और मगरमच्छ देखे गए हैं। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिर भी एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम नदी किनारे और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है।
वन विभाग ने सभी ग्रामीणों को अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। (Chhattisgarh Wildlife News) लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अकेले बिल्कुल न जाएं और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखें। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई मगरमच्छ दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचित करें।






