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बीजापुर में पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक: बंकर से मिला हथियारों का जखीरा और जनरेटर वाला ‘हाई-टेक वर्कशॉप’

Bijapur Police Maoist Bunker:छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर (Bijapur) जिले में सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दोडितुमनार के जंगली इलाकों में पुलिस ने एक गुप्त बंकर का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर पिडिया पुलिस सहायता केंद्र और गंगालूर पुलिस थाने की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।

बंकर में छुपाया गया था ‘मौत का सामान’

तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को पटेलपारा पहाड़ी इलाके में जमीन के अंदर बना एक बंकर मिला। माओवादियों ने इस जगह का इस्तेमाल अपने हथियारों और गोला-बारूद को सुरक्षित छुपाने के लिए किया था। बम निरोधक दस्ते द्वारा सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद जब बंकर की तलाशी ली गई, तो वहां से भारी मात्रा में युद्ध सामग्री बरामद हुई।

बरामद किए गए प्रमुख हथियार और विस्फोटक:

  • BGL लॉन्चर: 1 देसी बीजीएल (BGL) लॉन्चर और 29 बीजीएल शेल।
  • विस्फोटक: लगभग 50 मीटर कॉर्डेक्स वायर (विस्फोट में इस्तेमाल होने वाला तार)।
  • अन्य: 2 बड़े प्लास्टिक ड्रम।

हथियारों की मरम्मत के लिए बना रखा था ‘वर्कशॉप’

हथियारों के अलावा, पुलिस को जो सामग्री मिली है वह चौंकाने वाली है। अधिकारियों के मुताबिक, माओवादी जंगलों के बीच ही अपना तकनीकी वर्कशॉप चला रहे थे, जहां हथियारों की मरम्मत और विस्फोटक तैयार किए जाते थे।

बरामद तकनीकी उपकरण:

  • पावर बैकअप: 2 होंडा जनरेटर, 1 इन्वर्टर, 4 बड़ी बैटरी और 1 छोटी बैटरी।
  • मशीनें: 2 लेथ मशीन, 1 वेल्डिंग मशीन, 1 ड्रिलिंग मशीन और 1 मोटर।
  • ऊर्जा: 8 सोलर पैनल (बिजली की आपूर्ति के लिए)।

पुलिस की रणनीति और सफलता

बीजापुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर पटेलपारा पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया गया था। शुरुआती आकलन के अनुसार, बरामद किए गए उपकरणों का उपयोग माओवादियों द्वारा दूरदराज के इलाकों में तकनीकी अभियानों और नए हथियार बनाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सभी सामग्री को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह बरामदगी माओवादियों के लॉजिस्टिक और तकनीकी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

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