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Central Bank of India OFS: सरकार बेच रही 8% हिस्सेदारी, 8% से ज्यादा के डिस्काउंट पर सस्ते शेयर खरीदने का मौका

Central Bank of India OFS:नई दिल्ली/मुंबई। सरकारी बैंकों में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कर रही है, जिसमें निवेशकों को बाजार भाव से 8% से अधिक सस्ते दाम पर बैंक के शेयर खरीदने का मौका मिल रहा है। इस ऐलान के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार खुलते ही बैंक के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला

हिस्सेदारी बिक्री और OFS से जुड़ी अहम जानकारी

सरकार ने इस ऑफर फॉर सेल (OFS) का आकार और फ्लोर प्राइस तय कर दिया है:

  • बिक्री का आकार: सरकार बैंक में अपनी 4% (36.20 करोड़ शेयर) हिस्सेदारी बेस ऑफर के तहत बेच रही है। हालांकि, अगर निवेशकों की मांग अच्छी रहती है, तो ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ (Green Shoe Option) के तहत अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी और बेची जाएगी। इस तरह कुल मिलाकर 8% तक हिस्सेदारी बेची जा सकती है।
  • फ्लोर प्राइस और डिस्काउंट: इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस (Floor Price) 31 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। बैंक का शेयर हाल ही में 34-35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, इस लिहाज से फ्लोर प्राइस 8% से भी ज्यादा के भारी डिस्काउंट पर है।

कौन और कब लगा सकता है बोली?

निवेशकों के लिए इस ऑफर में बोली लगाने की तारीखें अलग-अलग तय की गई हैं:

  • नॉन-रिटेल निवेशक: संस्थागत और नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह ऑफर शुक्रवार, 22 मई 2026 को खुल चुका है।
  • रिटेल निवेशक: आम जनता यानी रिटेल निवेशकों (Retail Investors) के लिए बोली लगाने की शुरुआत सोमवार, 25 मई 2026 को होगी।

सरकार क्यों बेच रही है अपनी हिस्सेदारी?

बाजार नियामक सेबी (SEBI) के ‘मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग’ (MPS) नियमों के अनुसार, लिस्टेड कंपनियों में आम जनता की हिस्सेदारी कम से कम 25% होनी चाहिए।

  • मार्च तिमाही के अंत तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% थी।
  • सेबी के नियमों का पालन करने और सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने के लिए सरकार अपनी हिस्सेदारी घटा रही है। इस पूरी 8% हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को लगभग 2,455 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डिस्काउंटेड प्राइस होने के कारण इस OFS में निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

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