छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण हुआ पूरा: 62,500 कर्मचारियों ने किया सर्वे, फरवरी 2027 से शुरू होगा दूसरा चरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारत की नई और ऐतिहासिक जनगणना (Census 2027) का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मई के अंत तक चले इस सघन अभियान में प्रदेश भर के मकानों की सूचीकरण (House-listing) का काम पूरा कर लिया गया है। डिजिटल तकनीक और मोबाइल ऐप्स के जरिए की जा रही इस जनगणना ने नागरिकों को भी ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की अनूठी सुविधा प्रदान की, जिससे डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और आसान हो गई।
पहले चरण में क्या-क्या हुआ?
जनगणना 2027 का पहला चरण दो प्रमुख हिस्सों में बंटा हुआ था:
- स्व-गणना (Self-Enumeration): यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 तक चली। इसके तहत नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर 16 क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई थी। डेटा दर्ज करने के बाद एक विशेष ‘SE ID’ जनरेट की गई, जिसे बाद में प्रगणकों (Enumerators) के साथ वेरिफिकेशन के लिए साझा किया गया।
- मकान सूचीकरण (House-listing): यह कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया गया। इसके अंतर्गत आवासीय और गैर-आवासीय भवनों की स्थिति, उनके उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं (Amenities) की विस्तृत जानकारी जुटाई गई।
33 सवालों और 62,500 कर्मचारियों का रहा योगदान
इस व्यापक अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में लगभग 62,500 (बांसठ हजार पांच सौ) अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। पहले चरण के सर्वे के दौरान नागरिकों से कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए, जिसमें उनके रहन-सहन और घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का विवरण शामिल था।
फरवरी 2027 से शुरू होगा दूसरा चरण
पहले चरण (मकान सूचीकरण) के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद, अब प्रशासन जनगणना के सबसे महत्वपूर्ण और दूसरे चरण की तैयारियों में लग गया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, जनगणना का दूसरा चरण (Population Enumeration) अगले वर्ष यानी फरवरी 2027 से शुरू किया जाएगा। इस चरण में नागरिकों की वास्तविक जनसांख्यिकीय गिनती की जाएगी, जिससे देश की सटीक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का नया डेटा सामने आएगा।



