Sonam Wangchuk Hunger Strike: शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील- ‘अनशन खत्म करें, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा हम संसद में उठाएंगे’

Political News (New Delhi): NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर पर्यावरणविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk Hunger Strike) की तबीयत लगातार बिगड़ रही है।
इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने बुधवार को एक ओपन लेटर लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक गुजारिश की है। थरूर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इस मांग को सड़क की बजाय संसद में उठाएंगे।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- अनशन के 17 दिन: NEET धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है।
- थरूर का ओपन लेटर: सांसद शशि थरूर ने पत्र लिखकर कहा- “यह मुद्दा भूख हड़ताल से नहीं सुलझेगा।”
- संसद में उठेगी आवाज: थरूर ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में उठाने का वादा किया।
- बिगड़ती तबीयत: वांगचुक का वजन 8.5 किलो घट चुका है, 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया गया है।
‘अमीर बच्चों के पास दूसरी सीढ़ियां होती हैं, नुकसान सिर्फ मिडिल क्लास का’
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर छात्रों और युवाओं के नाम एक खुला पत्र शेयर किया। इसमें उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए व्यवस्था की खामियों पर तीखा प्रहार किया।
थरूर ने लिखा:
“मेरे प्यारे युवा दोस्तों, मैं आज एक राजनेता नहीं, बल्कि आपकी पीढ़ी के साथ हो रहे अन्याय से दुखी एक व्यक्ति के रूप में बात कर रहा हूं। मेरा जन्म एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। हमारे जैसे परिवारों के लिए ‘मेरिट’ कोई नारा नहीं था, बल्कि स्कॉलरशिप और निष्पक्ष परीक्षाएं ही एकमात्र रास्ता थीं, जिससे एक पिता अपने बच्चों के सपने पूरे कर सकता था।”
उन्होंने आगे कहा कि जब सिस्टम टूटता है और पेपर लीक होते हैं, तो अमीर व ताकतवर लोगों के बच्चों को कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनके पास आगे बढ़ने के लिए दूसरी सीढ़ियां होती हैं। असली नुकसान सिर्फ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का होता है। युवाओं का यह गुस्सा कोई अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि उनके साथ हुए धोखे की पीड़ा है।
सोनम वांगचुक और सरकार के लिए थरूर का खास संदेश
17 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से इसे खत्म करने का आग्रह करते हुए थरूर ने कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा को जगा दिया है और एक अनशन का मकसद भी यही होता है।
उन्होंने वांगचुक को संदेश देते हुए लिखा, “आगे के लंबे रास्ते के लिए भारत को आपकी आवाज की जरूरत है। सोमवार से संसद का सत्र दोबारा शुरू हो रहा है। हमारे पास लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का पूरा मौका होगा। समस्या का समाधान संसद में होना चाहिए, आमरण अनशन से नहीं।” इसके साथ ही थरूर ने सरकार से भी युवाओं के साथ तुरंत बातचीत शुरू करने की मांग की।
वांगचुक का 8.5 किलो वजन घटा, 20 को संसद मार्च की तैयारी
जंतर-मंतर पर पिछले 25 दिनों से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले युवा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि Sonam Wangchuk Hunger Strike के चलते उनकी हालत अब बेहद चिंताजनक हो गई है।
अनशन शुरू होने से लेकर अब तक वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। शरीर की मांसपेशियां गल रही हैं और वे भयानक दर्द से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच, संगठन ने आंदोलन को तेज करते हुए 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का भी बड़ा ऐलान कर दिया है।






