Haldwani Controversy: खरगे की सभा के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़की कांग्रेस; सेलाकुई में प्रदर्शन कर की FIR की मांग

Haldwani Controversy: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ (Shuddhikaran) का विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को दलित समाज का अपमान बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अब सेलाकुई (Selakui) में मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेलाकुई थाने में जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस को लिखित तहरीर देकर संबंधित दोषियों के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
खबर की मुख्य बातें (Haldwani Controversy)
- सेलाकुई में प्रदर्शन: हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद की आंच सेलाकुई पहुंची, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का थाने पर हंगामा।
- दिग्गजों के नेतृत्व में मोर्चा: विधायक प्रीतम सिंह और जिलाध्यक्ष संजय किशोर की अगुवाई में पुलिस को सौंपी गई तहरीर।
- दलित अपमान का आरोप: कांग्रेस ने घटना को गंभीर बताते हुए इसे पूरे दलित समाज का अपमान करार दिया।
- FIR की मांग: पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
थाने पहुंचकर कांग्रेस का प्रदर्शन और तहरीर
हल्द्वानी की घटना के विरोध में चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष और चकराता से कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह तथा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय किशोर के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेसजन सेलाकुई थाने पहुंचे।
थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कथित घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने थाना प्रभारी को एक लिखित तहरीर सौंपी और मांग की कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर शुद्धिकरण करने वाले लोगों की पहचान करे और उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करे।
“किसी भी व्यक्ति या समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस तरह की मानसिकता और कृत्य को उत्तराखंड में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एक वरिष्ठ दलित नेता की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ करना न केवल उनका, बल्कि पूरे दलित समाज का घोर अपमान है। कांग्रेस ने दो टूक कहा है कि किसी भी व्यक्ति या समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।






