Jio IPO: मेगा आईपीओ से पहले रिलायंस जियो की वित्तीय सेहत में जबरदस्त उछाल, फ्री कैश फ्लो 42 हजार करोड़ के पार

Jio IPO: शेयर बाजार के निवेशकों को जिस सबसे बड़े आईपीओ का बेसब्री से इंतजार है, उसकी राह अब और भी मजबूत हो गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल इकाई ‘जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ (Jio Platforms Ltd) अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (Jio IPO) से पहले अपनी वित्तीय स्थिति को बेहद मजबूत कर चुकी है।
कंपनी की बैलेंस शीट में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव उसके ‘फ्री कैश फ्लो’ (Free Cash Flow) में देखने को मिला है। पूंजीगत खर्च (Capex) पूरा करने के बाद, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी के पास जहां महज 1,449 करोड़ रुपये की नकदी थी, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह उछलकर सीधे 42,071 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। नकदी में आए इस भारी उछाल और कर्ज में आई तेज कमी ने IPO से ठीक पहले जियो की वित्तीय सेहत को पूरी तरह चमका दिया है।
कर्ज-मुक्त होने की दिशा में बड़ा कदम(Jio IPO)
कंपनी ने नए शेयर जारी करने से पहले अपनी बैलेंस शीट को कर्ज-मुक्त बनाने की दिशा में रणनीतिक कदम उठाए हैं:
- नेट लीवरेज रेशियो: जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट लीवरेज रेशियो वित्त वर्ष 2024 में 0.88 गुना था, जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर केवल 0.36 गुना रह गया है।
- IPO फंड का इस्तेमाल: जियो IPO के तहत जुटाई जाने वाली पूंजी का मुख्य इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) का कर्ज चुकाने और शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
राजस्व और मुनाफे में भारी इजाफा
अब कंपनी का मुख्य फोकस नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बजाय, पिछले एक दशक में तैयार किए गए बुनियादी ढांचे से अधिकतम कमाई (Monetization) करने पर आ चुका है।
- राजस्व (Revenue): परिचालन से राजस्व वित्त वर्ष 2024 के 1.10 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
- शुद्ध मुनाफा (PAT): इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 21,423 करोड़ रुपये से बढ़कर 30,049 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
ARPU और डेटा खपत में शानदार वृद्धि
ग्राहकों से होने वाली कमाई के मामले में भी जियो ने बड़ी छलांग लगाई है:
- ARPU में उछाल: वित्त वर्ष 2024 में प्रति ग्राहक औसत मासिक कमाई (ARPU) 181.7 रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 214 रुपये हो गई है।
- डेटा की खपत: प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत 28.7 GB से बढ़कर 42.3 GB के स्तर पर पहुंच गई है।
एम्बिट कैपिटल रिसर्च के विश्लेषक के मुताबिक, जियो की पूंजी संरचना अब अधिक संतुलित है और कंपनी पूंजीगत खर्च में अनुशासन बरतते हुए मुनाफे के अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है।
5G तकनीक, पेटेंट और 6G की तैयारी
जियो अब सिर्फ मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। कंपनी ने पूरी तरह स्वदेशी 5G कोर नेटवर्क तकनीक, रेडियो उपकरण और नेटवर्क सॉफ्टवेयर विकसित किए हैं:
- पेटेंट: मार्च 2026 तक कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों ने कुल 6,817 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं, जिनमें से 1,009 पेटेंट को वैश्विक स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है।
- 6G नेटवर्क: कंपनी ने प्री-6G तकनीक और ‘Giga MIMO Radio’ भी विकसित कर लिया है, जिसका हाल ही में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सफल प्रदर्शन किया गया था।
होम ब्रॉडबैंड मार्केट में 42.6% का दबदबा
जियो आईपीओ के ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक जियो के पास 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक थे और इस क्षेत्र में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी (Market Share) 42.6 फीसदी तक पहुंच चुकी है। कंपनी अपने फाइबर नेटवर्क और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) के जरिए दुर्गम क्षेत्रों में भी तेजी से पहुंच बना रही है। इसके अलावा, जियो अपनी इन-हाउस नेटवर्क तकनीक को विदेशी टेलीकॉम कंपनियों को भी उपलब्ध कराने की बड़ी योजना पर काम कर रही है।






