Rajat Patidar IPL Captaincy: चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट से लेकर लगातार 2 IPL ट्रॉफी जीतने तक, रजत पाटीदार ने बदला RCB का इतिहास

Rajat Patidar IPL Captaincy:अहमदाबाद। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के इतिहास में अगर सबसे जादुई और प्रेरणादायक वापसी की कहानी लिखी जाएगी, तो उसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार (Rajat Patidar) का नाम सबसे ऊपर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा. कभी ऑक्शन में अनसोल्ड रहने वाले और महज़ एक चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में शामिल होने वाले पाटीदार ने आज आरसीबी की किस्मत को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. गुजरात टाइटंस को हराकर आईपीएल दो हज़ार छब्बीस का खिताब जीतने के साथ ही वे महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद इतिहास के ऐसे तीसरे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने लगातार दो आईपीएल ट्रॉफी (बैक-टू-बैक खिताब) जीती हैं.
साल 2022 का वह टर्निंग पॉइंट
रजत पाटीदार के करियर की यह चमचमाती शुरुआत साल दो हज़ार बाइस में हुई थी. साल दो हज़ार इक्कीस में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आरसीबी ने उन्हें रिलीज कर दिया था और वे दो हज़ार बाइस के मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. लवनीथ सिसौदिया के चोटिल होने के बाद आरसीबी ने उन्हें बीच सीजन में बतौर रिप्लेसमेंट वापस बुलाया. उस वक्त पाटीदार इंदौर में डिवीजन क्रिकेट खेल रहे थे और उनकी शादी की तारीखें तय हो चुकी थीं. उनके दोस्त शुभम शर्मा के समझाने पर वे टीम से जुड़े और फिर जो हुआ वह इतिहास है. उन्होंने दो हज़ार बाइस के एलिमिनेटर मैच में लखनऊ के खिलाफ महज चौवन गेंदों में नाबाद एक सौ बारह रन ठोककर प्लेऑफ में शतक जड़ने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया.
चोट का संकट और कप्तानी का कांटों भरा ताज
दो हज़ार बाइस की शानदार सफलता के बाद पाटीदार को टीम इंडिया में भी मौका मिला, लेकिन टेंडन (एकिलीज़ हील) की गंभीर चोट के कारण वे दो हज़ार तेईस का पूरा आईपीएल सीजन नहीं खेल पाए. वापसी के बाद आरसीबी मैनेजमेंट ने उनके कैरेक्टर और गेम अवेयरनेस पर भरोसा जताया. दो हज़ार पच्चीस के मेगा ऑक्शन से ठीक पहले आरसीबी ने उन्हें ग्यारह करोड़ रुपये में रिटेन किया और फाफ डु प्लेसिस की जगह टीम की कप्तानी सौंप दी. अनिल कुंबले, डैनियल विटोरी, विराट कोहली और डु प्लेसिस जैसे दिग्गज जो काम अट्ठारह सालों में नहीं कर सके, वह काम पाटीदार ने अपने शांत स्वभाव और कुशल नेतृत्व से कर दिखाया और आरसीबी को दो हज़ार पच्चीस में अपना पहला खिताब जिताया.
साल 2026 में पाटीदार की बादशाहत
रजत पाटीदार के लिए साल दो हज़ार छब्बीस यह साबित करने का साल था कि उनकी पिछली खिताबी जीत कोई तुक्का नहीं थी. इस सीजन में एक बल्लेबाज और कप्तान के रूप में वे पूरी तरह छाए रहे:
- शानदार बल्लेबाजी: पाटीदार ने पंद्रह मैचों में एक सौ बानवे दशमलव छः नौ के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से पांच सौ एक रन बनाए, जिसमें बयालीस गगनचुंबी छक्के शामिल थे.
- प्लेऑफ में तबाही: क्वालीफायर एक में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने सिर्फ तैंतीस गेंदों में नाबाद तिरानवे रनों की अविश्वसनीय पारी खेलकर टीम को सीधे फाइनल का टिकट दिलाया.
- लीडरशिप वैल्यू: फाइनल मुकाबले में भले ही उनके बल्ले से सिर्फ पंद्रह रन निकले, लेकिन मैदान पर उनकी कप्तानी और बेहतरीन फील्डिंग प्लेसमेंट की बदौलत आरसीबी ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया.
मुख्य कोच एंडी फ्लावर और दिनेश कार्तिक के साथ मिलकर पाटीदार ने आरसीबी को सितारों पर निर्भर रहने वाली टीम से बदलकर एक चैंपियन यूनिट में तब्दील कर दिया है. एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी से लेकर आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों के क्लब में शामिल होने का उनका यह सफर क्रिकेट इतिहास की सबसे सुनहरी गाथा बन चुका है.



