CM Vishnu Deo Sai Strict Action: जनता से बदसलूकी पर सीएम विष्णुदेव साय सख्त, दुर्ग जनपद सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय निलंबित

रायपुर। लोकतांत्रिक व्यवस्था और सुशासन में जनता के प्रति प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने एक बेहद सख्त और साफ संदेश दिया है। सुशासन तिहार 2026 (Sushasan Tihar 2026) के तहत दुर्ग जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार करने और कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में दुर्ग जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री की दोटूक: अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और स्पष्ट किया कि शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी है।
- जीरो टॉलरेंस की नीति: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि सुशासन में जनता के प्रति जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी द्वारा आम जनता से किया गया अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- तत्काल कार्रवाई के निर्देश: घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने दुर्ग संभागायुक्त को संबंधित अधिकारी के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में दुर्ग संभागायुक्त ने जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय के खिलाफ तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया है।
- क्या था मामला: यह घटना ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की है। यहां श्री पाण्डेय द्वारा आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार किए जाने का एक वीडियो सामने आया था।
- असंतोषजनक जवाब: कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव और वीडियो क्लिप के प्रथम दृष्टया अवलोकन के बाद संभागायुक्त ने श्री पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जब उनका जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया, तो निलंबन की कार्रवाई की गई।
- नियमों का उल्लंघन: निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आचरण ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965’ के नियम 3 और नियम 3-क के खण्ड (क) के सर्वथा विपरीत है, जिसमें स्पष्ट है कि प्रत्येक शासकीय सेवक को कर्तव्यपरायण रहना है और कोई भी लोकसेवक पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा।
निलंबन अवधि के दौरान रूपेश कुमार पाण्डेय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस कार्रवाई ने पूरे राज्य के प्रशासनिक अमले में यह संदेश दे दिया है कि लोकसेवकों को अपनी आचरण संहिता का पालन हर हाल में करना होगा।



