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PM Surya Ghar Yojana: छत पर लगाया 3 किलोवाट का सोलर प्लांट, मिली 1.08 लाख की भारी सब्सिडी; राजनांदगांव के इन 2 पंचायत सचिवों ने पेश की मिसाल

State News (Rajnandgaon / Raipur): देश भर में लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा देने के लिए शुरू की गई PM Surya Ghar Yojana (प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना) अब बिजली का बिल जीरो करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम बन गई है।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से इस योजना की सफलता का एक बेहद शानदार और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां दो ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने घर की छतों पर 3-3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर प्लांट (Rooftop Solar Plant) लगवाकर न सिर्फ अपना बिजली बिल बचाया है, बल्कि ग्रामीणों के सामने एक बड़ी मिसाल भी पेश की है।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • क्या है उपलब्धि: राजनांदगांव जिले के छुरिया ब्लॉक के 2 पंचायत सचिवों ने अपने घर पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया।
  • कितनी मिली छूट: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दोनों को कुल 1.08 लाख रुपये (1,08,000) की सब्सिडी मिली है।
  • क्या है फायदा: घर का बिजली बिल नाममात्र का रह गया है और अतिरिक्त बिजली सरकार को बेची जा रही है।
  • ऑनलाइन आवेदन: योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया गया था।

पंचायत सचिवों ने पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

जनपद पंचायत छुरिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रामपुर के सचिव श्री रामलखन मण्डावी और ग्राम पंचायत जोंधरा के सचिव श्री अर्जुन सिंह ठाकुर ने अपने-अपने निजी घरों पर 3-3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करवाए हैं।

दोनों सचिवों की यह अनूठी पहल न केवल उनके घरों में आर्थिक बचत का बड़ा जरिया बनी है, बल्कि उनके आसपास के ग्रामीणों को भी स्वच्छ और मुफ्त ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

कैसे मिली 1.08 लाख की भारी सब्सिडी?

इस योजना की सबसे खास बात इसकी वहन करने योग्य लागत और सरकार द्वारा दी जाने वाली भारी छूट है। दोनों ही सचिवों को प्लांट लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलाकर कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी (Subsidy) प्राप्त हुई है। इस भारी सब्सिडी की वजह से प्लांट लगाने की शुरुआती लागत (Installation Cost) काफी कम हो गई और यह आम आदमी के बजट में आ गया।

पूरी प्रक्रिया है बेहद सरल और पारदर्शी

योजना के अपने अनुभव को साझा करते हुए रामपुर पंचायत के सचिव रामलखन मण्डावी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया बहुत ही आसान है:

  1. सबसे पहले उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया।
  2. इसके बाद विद्युत विभाग (Electricity Board) से तकनीकी स्वीकृति मिली।
  3. फिर विभाग द्वारा अधिकृत वेंडर के माध्यम से उनके घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट और नेट मीटर सफलतापूर्व लगा दिया गया।

बिजली बिल की बचत और ‘नेट मीटरिंग’ का दोहरा लाभ

श्री मण्डावी ने बताया कि अब उनके घर की बिजली से जुड़ी लगभग सभी ज़रूरतें सौर ऊर्जा से ही पूरी हो रही हैं, जिससे हर महीने आने वाले बिजली बिल में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही, घर में इस्तेमाल होने के बाद जो बिजली बचती है (अतिरिक्त बिजली), उसे ग्रिड में भेज दिया जाता है। इस ‘नेट मीटरिंग’ (Net Metering) से उन्हें दोहरा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

जोंधरा पंचायत के सचिव अर्जुन सिंह ठाकुर ने भी इस जनहितैषी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। दोनों सचिवों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आगे आएं और PM Surya Ghar Yojana को अपनाकर पर्यावरण बचाने के साथ-साथ अपनी आर्थिक बचत भी सुनिश्चित करें।

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