MP Bhojraj Nag Kanker: कांकेर में सांसद भोजराज नाग का दिखा गुस्सा, मंच से लगाई फटकार तो माइक छोड़कर भागा अधिकारी

कांकेर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सांसद भोजराज नाग का गुस्सा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। इस बार उनके गुस्से का शिकार मत्स्य विभाग का एक निरीक्षक हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भरी सभा में किसानों के सामने फटकार पड़ने पर अधिकारी बिना कोई जवाब दिए माइक छोड़कर वहां से चला गया। अधिकारी के इस रवैये ने सांसद का पारा और भी ज्यादा चढ़ा दिया है। अब यह विवाद आगे क्या रुख लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
दसपुर गांव में चल रहा था कार्यक्रम
यह पूरा वाकया कांकेर जिले के ग्राम दसपुर में हुआ। यहां ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग मौजूद थे और वे सीधे किसानों से बातचीत कर रहे थे। वे किसानों से सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर जानकारी ले रहे थे और उनकी समस्याएं सुन रहे थे।
मत्स्य विभाग के निरीक्षक से पूछे सवाल
किसानों से चर्चा के दौरान सांसद नाग ने वहां मौजूद मत्स्य विभाग के निरीक्षक से एक सीधा सवाल पूछ लिया। उन्होंने पूछा कि क्या इलाके के किसानों को मछली पालन से जुड़ी विभागीय योजनाओं का फायदा मिल रहा है? इस सीधे सवाल का निरीक्षक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका और गोलमोल बातें करने लगा। यह देखकर सांसद काफी नाराज हो गए।
सांसद ने मंच से ही लगाई कड़ी फटकार
निरीक्षक की लापरवाही देखकर सांसद भोजराज नाग ने मंच से ही माइक पर उसे जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है और एक अधिकारी होने के नाते आपको इसकी कोई जानकारी तक नहीं है। यह बहुत ही गंभीर लापरवाही है। आपके इस रवैये के कारण गरीब किसान आज योजनाओं का लाभ लेने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
अधिकारी माइक छोड़कर भागा, बाकी अफसर भी थे नदारद
सांसद की इस खरी-खोटी और सरेआम जलील होने के बाद मत्स्य विभाग का वह निरीक्षक कार्यक्रम स्थल से माइक छोड़कर बिना कोई जवाब दिए ही चलता बना। अधिकारी के इस तरह बीच कार्यक्रम से चले जाने पर सांसद और ज्यादा भड़क गए। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि विकसित कृषि संकल्प अभियान जैसे इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अनुपस्थित थे। विभागीय अधिकारियों की इस गैरमौजूदगी और जानकारी के अभाव ने अब विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



