Jashpur Tourism: प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का संगम, जानें छत्तीसगढ़ के इस उभरते पर्यटन केंद्र की खासियत

Jashpur Tourism (रायपुर/जशपुर): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में शानदार कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में, प्रदेश का जशपुर जिला (Jashpur District) अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और विविध पर्यटन स्थलों के कारण एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
हरी-भरी पहाड़ियां, घने जंगल, कल-कल बहते झरने और शांत वातावरण जशपुर को प्रकृति प्रेमियों (Nature Lovers) के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर, सुकून के पल बिताने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में यहां का रुख कर रहे हैं।
जशपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल (Top Places to Visit in Jashpur)
जशपुर में प्रकृति, रोमांच, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलता है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं:
1. रानीदाह जलप्रपात (Ranidah Waterfall)
जशपुर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात हरी-भरी पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच है। वर्षा ऋतु में इसकी प्राकृतिक छटा और भी मनमोहक हो जाती है। यह पिकनिक मनाने वालों की सबसे पसंदीदा जगह है।
2. कैलाश गुफा (Kailash Gufa)
बगीचा विकासखंड में स्थित यह घने जंगलों के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित अद्भुत गुफा है। यहां भगवान शिव का मंदिर और संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है, जो आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम संगम है।
3. मयाली नेचर कैम्प (Mayali Nature Camp)
कुनकुरी विकासखंड का मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर और रोमांच पसंद करने वालों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां पर्यटक बोटिंग (Boating) सहित कई प्राकृतिक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
4. विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग (Madheshwar Pahad)
कुनकुरी क्षेत्र में स्थित मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक रूप से शिवलिंग के आकार का एक विशाल पर्वत है। इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी दर्ज किया गया है।
5. राजपुरी, कोतेबिरा और खुडिया रानी गुफा
- राजपुरी जलप्रपात: अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
- कोतेबिरा: फरसाबहार विकासखंड में ईब नदी के तट पर स्थित यह स्थल अपनी विशाल प्राकृतिक चट्टानों के लिए जाना जाता है।
- खुडिया रानी गुफा: ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का यह स्थल प्रकृति और इतिहास का बेहतरीन संगम है।
ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे से मिल रही नई पहचान
जिले में ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism in Jashpur) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशासन ने पांच ‘होमस्टे’ (Homestay) स्थापित किए हैं।
- स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन और आतिथ्य प्रबंधन (Hospitality Management) का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
- केरे गांव (Kere Village) को एक आकर्षक एवं भरोसेमंद ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है, जहां पर्यटक स्थानीय आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन शैली को करीब से जान सकते हैं।
पर्यटकों के लिए कैसे पहुंचें जशपुर? (How to Reach Jashpur)
जशपुर सड़क मार्ग से प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों से सुगमता से जुड़ा हुआ है:
- सड़क मार्ग: रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर से सड़क मार्ग द्वारा जशपुर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
- निकटतम हवाई अड्डा: रांची (बिरसा मुंडा एयरपोर्ट) और झारसुगुड़ा (ओडिशा) हवाई अड्डे तक हवाई यात्रा कर, वहां से लगभग तीन घंटे की सड़क यात्रा कर जशपुर पहुंचा जा सकता है।
- निकटतम रेलवे स्टेशन: रांची (झारखंड) और झारसुगुड़ा (ओडिशा)।






